ब्लॉगसेतु

S.M. MAsoom
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); Allama Iqbal* ke chAnd ashaar:Muslim’e awwal, shahey mardaaN Ali( A.S.)ishq ra sarmaaya’e eimaaN Ali(A.S.)Allaama Iqbal*khaira na kar saka mujhey, jalwaey daanish’e farAngsurma hai meiri aaNkh ka, khaakey Madina...
 पोस्ट लेवल : जश्न ऐ विलादत 13 rajab
संतोष त्रिवेदी
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देश भर में चौतरफ़ा जश्न का माहौल है।बहुत दिनों बाद ऐसा संयोग आया,जब पक्ष-विपक्ष दोनों ख़ुश दिखे।इससे भी बड़ी बात यह कि ऐसा मौक़ा दोनों पक्षों को बिना कुछ किए मिला है।संयोग से सत्ता-पक्ष के चार साल बीत गए।वह इसे अड़तालीस महीने समझकर ख़ुश है।उसके लिए विकास की यह लम्ब...
Roli Dixit
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आते हुए उसने खटकाया भी नहींजैसे दबे पाँव मगर&#234...
Bhavna  Pathak
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टिमटिम ज्यों बिस्तर पर सोईत्यों ही वह सपनों में खोईशेर एक सपने में आयापर ना गर्जा ना गुर्रायाटिमटिम को देखा मुस्कायाहाथ मिलाकर दोस्त बनायाजंगल की फिर सैर करायासबसे टिमटिम को मिलवायायह देखो यह बंदर मामाउछल कूद करते हंगामाभालू जी से डर मत जानानाचें पर ना आए गानादेखो...
अनंत विजय
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बीते रविवार तो दिल्ली में जश्न-ए-ऱेख्ता खत्म हुआ । उर्दू भाषा के इस उत्सव में काफी भीड़ इकट्ठा होती है । बॉलीवुड सितारों से लेकर मंच के कवियों की महफिल सजती है । प्रचारित तो यह भी किया जाता है कि ये तरक्कीपसंद और प्रोग्रेसिव लोगों का जलसा है । होगा । लेकिन इस बार ज...
जन्मेजय तिवारी
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              सुबह-सुबह जब पड़ोसी दरवाजे पर दस्तक देता है, तो मस्तक में अजीब-अजीब से झटके गुलाटियाँ मारने लगते हैं । अब कौन-सा लफड़ा मोल लेने आया है मुझसे? मगर मैंने तो उसे उकसाने के कोई जतन नहीं किए पिछले दिनों । जरूर किसी त...
S.M. MAsoom
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 स्वतंत्रता दिवस जश्न ए आजादी का दिन है और हर त्योहार से ये ख़ुशी अधिक मायने रखती है | मानता हू कि आजादी के बाद हम भारतवासियो ने जो जो सपने देखे थे वो पूरी तरह से साकार नही हो सके लेकिन यह भी क्या कम है कि अब हम गर्व से ये तो कह सकते है कि हम किसी गुलाम देश...
S.M. MAsoom
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जौनपुर। दो महीना आठ दिन तक लगातार शिया समुदाय द्वारा गम मनाने के बाद गुरुवार को नौरोज का पर्व हर्षोल्लास के साथ पूरे जिले में मनाया गया। ईदे जहरा के इस मौके पर नगर में कई स्थानों पर जुलूस निकाले गये जिसमें रंगों से सराबोर लोग एक दूसरे पर खुशी के रंग लगाते चल रहे...
 पोस्ट लेवल : जश्ने ईदे जहरा
S.M. MAsoom
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हे पैग़म्बर! आपके पालनहार की ओर से जो आदेश आप पर उतारा गया है उसे (लोगों तक) पहुंचा दीजिए और यदि आपने ऐसा न किया तो मानो आपने उसके संदेश को पहुंचाया ही नहीं और (जान लीजिए कि) ईश्वर आपको लोगों से सुरक्षित रखेगा। निसन्देह, ईश्वर काफ़िरों का मार्गदर्शन नहीं करता। (5:6...
S.M. MAsoom
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लखनऊ अज़ादारी की  पहचान है और अज़ादारी को आगे बढाने में इसका बहुत बड़ा योगदान रहा है |अब लखनऊ आबादी बढ़ने की वजह से फैलने लगा है | लखनऊ में एक नया इलाक बस रहा है dubagga जहां अभी सिर्फ २०-२५ मोमिनीन ही हैं लेकिन खुलूस और मुहब्बत  देखिये १५ शाबान का जश्न इ विल...