ब्लॉगसेतु

mahendra verma
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पिछले दिनों भूतविद्या समावार पत्रों की सुर्खियाँ बनी रहीं । कुछ ने इसे भूत-प्रेत से संबंधित बताया तो कुछ ने इसे मनोचिकित्सा से संबंधित विद्या कहा । कुछ अतिउत्साही लोगों ने तो इसे पंचमहाभूतों की विद्या भी बता दिया । चूंकि भूतविद्या आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से संबंधि...
kumarendra singh sengar
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यह सार्वभौमिक सत्य है कि समूचे विश्व के क्षेत्रफल का लगभग सत्तर प्रतिशत हिस्सा पानी से लबालब है. ऐसा होने के बाद भी वैश्विक स्तर पर जल-संकट बना हुआ है. इसका कारण है और वह कारण उपलब्ध जल का खारा होना है. सत्तर प्रतिशत के आसपास जल होने में पीने योग्य जल मात्र तीन प्र...
kumarendra singh sengar
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वर्तमान दौर में पर्यावरण असंतुलन की सबसे बड़ी समस्या ग्लोबल वॉर्मिंग है. इस कारण से पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है, जिससे मानव जीवन के कदम विनाश की ओर बढ़ रहे हैं. ऐसे में अगर हमने पर्यावरण को बचाने के लिए कोई बड़ा कदम नहीं उठाया तो वह दिन दूर नहीं, जब हमारा अस्तित्व ही...
kumarendra singh sengar
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इस बार निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव को देश का महापर्व घोषित कर दिया गया है. शासन-प्रशासन अपने-अपने स्तर पर पूरा दम लगाकर अधिक से अधिक मतदान करवाने की कोशिश में लगा हुआ है. ऐसे में मतदान कितना होगा ये बाद की बात है मगर जैसा कि पहले भी कहा था कि मतदाता जागरूकता किसी के...
kumarendra singh sengar
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चुनाव अपने चरम पर है और सभी जगह प्रशासन भी मुस्तैदी से जुटा हुआ है. चुनाव सम्बन्धी जो तैयारियाँ चल रही हैं, उनको लेकर जितना ध्यान प्रशासन स्तर पर रखा जा रहा है, उससे कहीं ज्यादा जोर इस बार मतदाता जागरूकता को लेकर दिख रहा है. दिन भर किसी न किसी रूप में मतदाताओं को ज...
jaikrishnarai tushar
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चित्र-साभार गूगलएक गीत-मतदाता जागरूकता हेतुमन्दिर में ज्यों साँझ आरतीमन्दिर मेंज्यों साँझ आरतीजैसे सदा अज़ान की ।वैसे हीआदत बन जाएसौ प्रतिशत मतदान की।जाति-धरमविद्वेष भूलकरमतपेटी को भरियेगा,अब चुनावआयोग कड़क हैगुंडों से मत डरियेगा ,मतपेटी हीरक्षा करतीवोटर के सम्मान की...
kumarendra singh sengar
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कोचिंग सेंटर्स की बढ़ती संख्या और उसमें आने वाले बच्चों का सैलाब. कोचिंग क्लास छूटते ही सैकड़ों की संख्या में बच्चों का सडकों पर निकल आना किसी भी छोटे-बड़े शहर का आम नजारा हो गया है. वर्तमान दौर में अंकों की मारा-मारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का अथक दबाव, सबसे आ...
निरंजन  वेलणकर
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१५. यात्रा के अनुभवों पर सिंहावलोकनइस लेख माला को शुरू से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए| एचआयवी और स्वास्थ्य इस विषय पर की हुई‌ साईकिल यात्रा मेरे लिए बहुत अनुठी रही| मुझे बहुत कुछ देखने का और सीखने का मौका मिला| यह सिर्फ एक साईकिल टूअर नही रहा, बल्की एक स्टडी...
निरंजन  वेलणकर
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१३. अकोला से रिसोड इस लेख माला को शुरू से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए|२४ नवम्बर की सुबह| आज अकोला से निकलना है| अन्तिम दो दिन बचे हैं और दोनो दिन मै शतक करूँगा| आज रिसोड तक १०५ किलोमीटर हो जाएंगे| लेकीन इसमें मुझे काफी हद तक चढाई होगी| कल शाम की चर्चा अब भी य...
निरंजन  वेलणकर
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८. हसेगांव (लातूर) से अहमदपूर इस लेख माला को शुरू से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए|कल रात भर अच्छी बारीश हुई| कल मै जहाँ ठहरा था, वहाँ गर्मी और मच्छरों ने नीन्द नही लेने दिया| लगभग पूरी रात जगा रहा| सुबह चार बजते ही संस्था के एक कार्यकर्ता मिलने आए| फिर कुछ देर...