ब्लॉगसेतु

दर्शनकौर धनोए
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* मित्रता * (मेरी बचपन की सहेली ..रुक्मणी और मैं .... !)" मित्रता में शीध्रता मत करो ,यदि करो तो अंत तक निभाओं  "मेरी जिन्दगी में भी यही फलसफा हैं --की मित्रता में शीध्रता नहीं होनी चाहिए '--क्योकिं इंसान को जनम के साथ ही सभी रिश्ते मिल जाते हैं, मगर सिर्...
 पोस्ट लेवल : दोस्त जिन्दगी
सुमन कपूर
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सुमन कपूर
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जिन्दगीबिखर जायेगीया सवँर जायेगीना मालूम मुझेपर......तेरे साथ नेजिन्दगी केमायने बदल दिये ......  !!                          &nbsp...
ललित शर्मा
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एक अरसे से शिल्पकार ने कुछ काव्य रचा नहीं, पहले रोज एक पोस्ट आ ही जाती थी नित नेम से। शायद काव्य का सोता सूख गया। अब काव्य उमड़ता-घुमड़ता नहीं। पता नहीं क्यो अनायास हीं एक जीता जागता ब्लॉग मृतप्राय हो गया, जबकि यह मेरा पहला ब्लॉग है। शिल्पकार ब्लॉग जगत की गलियों भटकत...
सुमन कपूर
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जिंदगी की किताब खोली देखा !कितने पन्नें पलट गए कुछ भरेकुछ खाली.... कुछ में बैठे हैं शब्द मेहमां बनकर और कुछ में हैं जज्बात बेजुबान से....रह गए हैं अब तो चंद ही पन्ने बाकी हूँ इतंजार में कब लिखेगी मौत मेरी जिंदगी की      आखिरी इबारत..............
 पोस्ट लेवल : जिन्दगी
अपर्णा त्रिपाठी
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कभी कभी भीड भरे मंजर में दिल तनहा रह जाता ,कभी कभी चाह कर भी मन कुछ कह नही पाता ॥कभी कभी दूर, बहुत दूर जाने को मन व्याकुल हो जाता,कभी कभी खुद को भूला देने को, दिल बेकरार हो जाता ॥कभी कभी बिन बात ही बेवजह ,आसूँ छलक जाता , कभी कभी खुद में सिमट के दिल र...
 पोस्ट लेवल : कभी - कभी जिन्दगी
सुमन कपूर
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क्यूँ जिंदगी हमसे आँख मिचोली करती है      सुबह खुशी में खिलकर क्यूँ शाम गम में ढलती हैकहते हैं जिंदगी हर पल रंग बदलती है            फिर क्यूँ हमें तस्वीर इसकी बेरंग सी झलकती है.........  &nb...
सुमन कपूर
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सुमन कपूर
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तन्हा सफर में सब बेअसर होता है ना कुछ पाने ना खोने का गम होता हैये सोच कर साथी की चाह छोड़ दी हमने कि बिछड़ जाने का दिल पर असर होता है.................!!                               ...
सुमन कपूर
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सुनो !आकर सहेज लेनातुमबरसने लगी हैं आँखों से मेरेवो हमारी अधूरी ख़्वाहिशें........                सुमन ‘मीत’