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सुमन कपूर
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अपर्णा त्रिपाठी
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है चार दिन की जिन्दगी और करने हजारों काम है ,फिर भी लोगों को सदा दूजे के कामों से ही काम है ............. रूठ कर मना लो उन्हेजो प्यार करते है तुम्हे कल के भरोसे में तो फिर बस उदासी भरी कई शाम है................... जाने कितना वक्त खोया तुने अपने पराये को स...
 पोस्ट लेवल : जिन्दगी
सुमन कपूर
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कह गई तुम्हारी खामोशीतुम्हारे लब पे आई हर बातमेरे अश्क का क़तरामेरे लबों को सिल गयाऔर .....वक्त लिख गयाखाली पन्नों पर अपनी दास्तां.........!1                    &nbs...
सुमन कपूर
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                                       हर वरक में एक सिसकी    &nb...
 पोस्ट लेवल : जिन्दगी
सुमन कपूर
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     1जिन्दगी की खुशियाँ दामन में नहीं सिमटतीऐ मौत ! आतुझे गले लगा लूँ...........    2जिन्दगी एक काम करमेरी कब्र परथोड़ा सकून रख देकि मर करजी लूँ ज़रा..........     3  जिन्दगी दे दे मुझेचन्द टूटे ख़्वाबकुछ...
 पोस्ट लेवल : कुछ कतरे जिन्दगी के
सुमन कपूर
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    तू दूर रह कर भी मेरे पास है  जाने कैसा ये तेरा एहसास हैबावरा मन ये कहता है मेरा     तू हमनवा हमखयाल है मेरा !!                &nbsp...
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सुमन कपूर
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मैनें बोया था एक बीज तेरी याद का कुछ दिन हुए एक कांटा उभर आया है उससे जख़्म-ए-दिल को सिल रही हूँ ।                            &nbs...
 पोस्ट लेवल : कुछ कतरे जिन्दगी के
सुमन कपूर
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हर गुजरा पल               इक याद छोड़ जाता है , उस याद के भरोसे               इक आस छोड़ जाता है , आस के बहकावे में    &nb...
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सुमन कपूर
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इक कतरा जिन्दगी का.........रोज शाम यूं ही रात में बदलती है                             पर हर रात अलग होती है कभी आँखें ख्वाबो...
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सुमन कपूर
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अकसर ऐसा होता है कि सपने टूट जाया करते हैं पर इंसान जज़्बाती है ना.............. फिर से नई आस के साथ सपने बुनने लगता है टूटता है, बिखरता है पर सपने संजोना बन्द नहीं करता.............बस सपनों को हकीकत में बदलते देखना चाहता है.........      &n...
 पोस्ट लेवल : कुछ कतरे जिन्दगी के