पिछले अंक से आगे दुनिया के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ जब नारी और पुरुष को सामान समझा गया हो और यही बड़ी भूल है दुःख तो तब होता है जब घर में जन्म देने वाले माँ-बाप ही लड़की के साथ भेद भाव करते हैं. हालांकि आज के दौर में आप ऐसा कह सकते हैं कि स्थिति बदल गयी है तो...