ब्लॉगसेतु

अनीता सैनी
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आहत हुए अल्फ़ाज़ ज़माने की आब-ओ-हवा में,  लिपटते रहे  हाथों  में और  सीने में उतर गये, अल्फ़ाज़ में एक लफ़्ज़ था मुहब्बत, ज़ालिम ज़माना उसका साथ छोड़ गया,   मुक़द्दर से झगड़ता रहा ता-उम्र वह,  मक़ाम मानस अपना बदलता गया,&nbs...
रवीन्द्र  सिंह  यादव
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मिटकर मेहंदी को रचते सबने देखा है,उजड़कर मोहब्बत कोरंग लाते देखा है?चमन में बहारों काबस वक़्त थोड़ा है,ख़िज़ाँ ने फिर अपनारुख़ क्यों मोड़ा है?ज़माने के सितम सेन छूटता दामन है,जुदाई से बड़ाभला कोई इम्तिहान है?मज़बूरी के दायरों मेंहसरतें दिन-रात पलीं,मचलती उम्मीदेंकब क़दम...
रवीन्द्र  सिंह  यादव
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क्षणिकाऐं स्वप्न-महल  बनते हैं महल सुन्दर सपनों के चुनकर उम्मीदों के नाज़ुक तिनके लाता है वक़्त बेरहम तूफ़ान जाते हैं बिखर तिनके-तिनके। सफ़र जीवन के लम्बे सफ़र में समझ लेता है दिल जिसे हमराह...
डॉ शिव राज  शर्मा
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ख़्वाब, प्यार, वादा, वफ़ा, के कौन है दुश्मन ।ये है बेबसी, गरीबी,धोखा, तन्हाई और जुदाई ।बस नसीब का खेल है और कुछ नहीं प्यारेकिसी को गम मिला तो किसी ने ख़ुशी पाई ।----शिवराज---
राजीव कुमार झा
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दर्द तो होता है मगर सहा नहीं जाता तू सामने भी है मगर कहा नहीं जाता जब से दोस्ती पत्थरों से की मैंने शीशे के मकां में मुझसे रहा नहीं जाताजिंदगी जहर ही सही मगर पिया नहीं जाता जीते थे पहले भी तेरे बिन अब रहा नहीं जाताराहों में मिल गए तो स...
 पोस्ट लेवल : जुदाई दर्द
Anju choudhary(anu)
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 राधा  और कृष्ण का प्रेम ...जहाँ एक ओर राधा अपने प्रेम भावनाओं में बह रही है ...अपने मन के भाव को कृष्ण के साथ बाँट रही है...वहीँ दूसरी ओर वो अपने मन और कृष्ण को ये समझाने में असमर्थ है कि वो उनके जाने पर कितनी दुखी है ...प्रेम और जुदाई के भाव को लेकर...
महेश कुमार वर्मा
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मुझे छोड़ के कहाँ तुम चली गयी?मुझे छोड़ के कहाँ तुम चली गयी न कोई पत्र न कोई मेसेज न कोई संवाद न कोई फोन छोड़ के क्यों तुम चली गयी मुझे छोड़ के कहाँ तुम चली गयीकब तक लेगी तुम मेरे प्यार की परीक्षा आखिर क्या है तुम्हारी इच्छा जाना ही था तो प्रेम पूर्...
दर्शनकौर धनोए
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                            " हर मिलन  के बाद जुदाई क्यों है  "     फिर आई जुदाई की रात-----?        मै तुमसे जुदा होना नही चाहती !तुझक...
 पोस्ट लेवल : जुदाई चाह इश्क