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Saransh Sagar
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।।अथ इंद्रकृत महालक्ष्मी अष्टकम ( महालक्ष्मी स्तोत्रम् )।।नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते।शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोस्तुते ।।१।।नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयङ्करि।सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मि नमोस्तुते ।।२।।मैं महामाया कही जाने वाली देवी महालक्ष्मी को प्रणाम...
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ध्यानम्गलदरक्तमुण्डावलीकण्ठमालामहाघोररावा सुदंष्ट्रा कराला।विवस्त्रा श्मशानालया मुक्तकेशीमहाकालकामाकुला कालिकेयम्।।1।।अर्थ – ये भगवती कालिका गले में रक्त टपकते हुए मुण्डसमूहों की माला पहने हुए हैं, ये अत्यन्त घोर शब्द कर रही हैं, इनकी दाढ़े हैं तथा स्वरूप भयानक है,...
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॥अथ श्री गणेशाष्टकम्॥श्री गणेशाय नमः।सर्वे उचुः।यतोऽनन्तशक्तेरनन्ताश्च जीवा यतो निर्गुणादप्रमेया गुणास्ते।यतो भाति सर्वं त्रिधा भेदभिन्नं सदा तं गणेशं नमामो भजामः॥१॥यतश्चाविरासीज्जगत्सर्वमेतत्तथाऽब्जासनो विश्वगो विश्वगोप्ता।तथेन्द्रादयो देवसङ्घा मनुष्याः सदा तं गणे...
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भजे विशेषसुन्दरं समस्तपापखण्डनम् ।स्वभक्तचित्तरञ्जनं सदैव राममद्वयम् ॥ १॥जटाकलापशोभितं समस्तपापनाशकम् ।स्वभक्तभीतिभङ्जनं भजे ह राममद्वयम् ॥ २॥निजस्वरूपबोधकं कृपाकरं भवापहम् ।समं शिवं निरञ्जनं भजे ह राममद्वयम् ॥ ३॥सहप्रपञ्चकल्पितं ह्यनामरूपवास्तवम् ।निराकृतिं निरामय...
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वसुदेव सुतं देवं कंस चाणूर मर्दनम् |देवकी परमानंदं कृष्णं वंदे जगद्गुरुम् ‖अतसी पुष्प संकाशं हार नूपुर शोभितम् |रत्न कंकण केयूरं कृष्णं वंदे जगद्गुरुम् ‖कुटिलालक संयुक्तं पूर्णचंद्र निभाननम् |विलसत् कुंडलधरं कृष्णं वंदे जगद्गुरम् ‖मंदार गंध संयुक्तं चारुहासं चतुर्भ...
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“मैं हूँ बुद्धि मलीन अति, श्रद्धा भक्ति विहीन करूं विनय कछु आपकी, हौं सब ही विधि दीन जै जै  नीब करौरी बाबा  कृपा करहु  आवै  सदभावा  कैसे मैं तव स्तुति बखानूँ नाम ग्राम कछु  मैं नहिं जानूँ जापै कृपा दृष्टि तुम करहु&n...
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Hum Katha Sunate Sakal Gun Dham Song Lyrics In Hindi Pdfहम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की,ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की।।श्लोक – ॐ श्री महागणाधिपतये नमः,ॐ श्री उमामहेश्वराभ्याय नमः।वाल्मीकि गुरुदेव के पद पंकज सिर नाय,सुमिरे मात सरस्वती हम पर होऊ सहाय।मात पिता की...
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श्री मन नारायण नारायण हरि हरितेरी लीला सबसे नयारी नयारी हरि हरिभज मन नारायण नारायण हरि हरिजय जय नारायण नारायण हरि हरिहरी ॐ नमो नारायणा, ॐ नमो नारायणाहरी ॐ नमो नारायणालक्ष्मी नारायण नारायण हरि हरिबोलो नारायण नारायण हरि हरिभजो नारायण नारायण हरि हरिजय जय नारायण नारायण...
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श्री सूक्त 'पञ्च सूक्तों' में से एक है, ( पंच सूक्त - पुरुष सूक्तम, विष्णु सूक्तम, श्री सूक्तम, भू सूक्तम, नील सूक्तम )। देवी महालक्ष्मी को समर्पित यह स्तोत्र ऋग्वेद से लिया गया है। देवी की कृपा से सुख प्राप्ति के लिए इस स्तोत्र का पाठ किया जाता है। यहाँ श्री सूक्त...
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इन वादियों में, टकरा चुके हैंहमसे मुसाफ़िर, यूँ तो कईदिल ना लगाया, हमने किसी सेकिस्से सुने हैं, यूँ तो कईऐसे तुम मिले हो, ऐसे तुम मिले होजैसे मिल रही हो, इत्र से हवाक़ाफ़िराना सा हैइश्क है या, क्या हैऐसे तुम मिले हो...ख़ामोशियों में, बोली तुम्हारीकुछ इस तरह गूंजती ह...
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