ब्लॉगसेतु

anup sethi
280
10 दिसंबर को यहां मुंबई के एक उपनगर कल्‍याण में एक कालेज में हिंदी ब्‍लॉगिंग पर एक सेमिनार में भाग लेने का मौका मिला। इसमें कई ब्‍लॉर आए थे। अकादमिक जगत के लागों के बीच यह चर्चा इस दृष्टि से अच्‍छी थी कि अगर हिंदी विभाग ब्‍लागिंग में रुचि लेने लग जाएं तो हिंदी ब्‍ल...
 पोस्ट लेवल : टिप्पणी हिंदी
anup sethi
280
कुछ समय पहले अमृतसर में पंजाब नाटशाला देखने का मौका मिला.  उत्‍तर भारत में शिमला में गेयटी थियेटर और चंडीगढ़ में टेगोर थियेटर के अलावा और कोई नाम ध्‍यान में नहीं आता है. अमृतसर की पंजाब नाटशाला  अपनी तरह का नवीन नाट्यगृह है. खासियत यह है कि यह ए...
anup sethi
280
पिछली बरसात में छाते पर चर्चा चली थी. इस बीच हमारे बड़े भाई तेज जी ने वो पोस्‍ट देखी और छाते पर यह टिप्‍पणी भेजी - तुम्हारे ब्लाग में से मैंने "छाता" पढ़ा तो मुझे छत्तरोड़ू की बड़ी याद आई,  वो वचपन की सारी यादें... तुम्हें शायद याद होगा कि नहीं, ग्रामीण लोग "ऒ...
 पोस्ट लेवल : टिप्पणी
विजय राजबली माथुर
198
'विद्रोही स्व- स्वर में'शीर्षक से एक तुकबंदी तब लिखी थी जब होटल मुग़ल,आगरा में किसी संघर्ष का समय था.अचानक किसी बात के जवाब में आफिस में तत्काल लिख कर इसे प्रसारित कर दिया था.इसी शीर्षक से यह  ब्लॉग भी चल रहा है और आज इसे प्रारम्भ किये हुए एक वर्ष भी पूर्...
 पोस्ट लेवल : सम्मान टिप्पणी नसीहत
विजय राजबली माथुर
98
इसी शीर्षक से एक तुकबंदी तब लिखी थी जब होटल मुग़ल,आगरा में किसी संघर्ष का समय था.अचानक किसी बात के जवाब में आफिस में तत्काल लिख कर इसे प्रसारित कर दिया था.इसी शीर्षक से एक पृथक  ब्लॉग भी चल रहा है और आज उसे प्रारम्भ किये हुए एक वर्ष भी पूर्ण हो गया है.यह अलग ब...
 पोस्ट लेवल : सम्मान टिप्पणी नसीहत
anup sethi
280
लेबल ठीक करते करते न जाने क्‍या गड़बड़ हो गई कि दो पुरानी टिपपणियां सबसे ऊपर आकर चिपक गईं. इन्‍हें अपनी जगह वापस कैसे रखते हैं, यह समझ नहीं आ रहा, इसलिए क्षमा करें. अगर आप इन्‍हें पहले पढ़ चुके हैं तो कृपया नजरअंदाज़ कर दें और न पढ़ा हो तो पढ़कर कृतार्थ करें.
 पोस्ट लेवल : टिप्पणी
anup sethi
280
इधर खबर है कि टाइपराइटर बनना बंद हो गया है. हालंकि होमिओपैथी दवा की दुकानों में आज भी दवा का लेवल पोर्टेबल टाइपराइटर पर टाइप कर के शीशी पर चिपकया जाता है.  वे अंग्रेज़ी की मशीनें हैं. हिंदी तो शायद सरकारी  दफ्तरों और कचहरियों में ही टाइप होती रह...
 पोस्ट लेवल : टिप्पणी
अजय  कुमार झा
727
आज जबकि बहुत दिनों बाद फ़िर से टिप्पणियों की याद आई , मतलब ये कि मैंने टिप्पणियों को याद किया उनके बारे में सोचा और ब्लॉग बकबक पर इस बात का ज़िक्र भी किया  है कि टिप्पणियों को सहेजने के लिए अलग खुशदीप भाई की इस पोस्ट पर <im...
अपर्णा त्रिपाठी
180
हम जब भी कुछ लिखते है तो सबसे पहले चाहते है कि अधिक से अधिक लोग उसे पढ़े , और तारीफ भी करें । तारीफ सुनना हर व्यक्ति को अच्छा लगता है , यह मनुष्य का प्राकृतिक स्वभाव है । हमारे ब्लाग जगत में ऐसे बहुत कम पाठक है जो सिर्फ पाठक ही है , ज्यादातर लोग ब्लॉगर और पाठक दो...
 पोस्ट लेवल : पाठक टिप्पणी लेख लेखक
anup sethi
280
सोफिया कालेज के अंग्रेजी और हिंदी विभाग ने मिल कर रहस्‍य काव्‍य और सामाजिक रूपांतरण पर दो दिन की गोष्‍ठी 14 और 15 जनवरी को की. इसमें अकादमिक पर्चों के साथ साथ फिल्‍म, नृत्‍य और संगीत को भी शामिल किया गया. जैसे अक्‍का महादेवी पर डाकुमेंटरी दिखाई गई. आंदेल के पदों पर...
 पोस्ट लेवल : टिप्पणी