ब्लॉगसेतु

anup sethi
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लेबल ठीक करते करते न जाने क्‍या गड़बड़ हो गई कि दो पुरानी टिपपणियां सबसे ऊपर आकर चिपक गईं. इन्‍हें अपनी जगह वापस कैसे रखते हैं, यह समझ नहीं आ रहा, इसलिए क्षमा करें. अगर आप इन्‍हें पहले पढ़ चुके हैं तो कृपया नजरअंदाज़ कर दें और न पढ़ा हो तो पढ़कर कृतार्थ करें.
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anup sethi
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इधर खबर है कि टाइपराइटर बनना बंद हो गया है. हालंकि होमिओपैथी दवा की दुकानों में आज भी दवा का लेवल पोर्टेबल टाइपराइटर पर टाइप कर के शीशी पर चिपकया जाता है.  वे अंग्रेज़ी की मशीनें हैं. हिंदी तो शायद सरकारी  दफ्तरों और कचहरियों में ही टाइप होती रह...
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अजय  कुमार झा
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आज जबकि बहुत दिनों बाद फ़िर से टिप्पणियों की याद आई , मतलब ये कि मैंने टिप्पणियों को याद किया उनके बारे में सोचा और ब्लॉग बकबक पर इस बात का ज़िक्र भी किया  है कि टिप्पणियों को सहेजने के लिए अलग खुशदीप भाई की इस पोस्ट पर <im...
अपर्णा त्रिपाठी
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हम जब भी कुछ लिखते है तो सबसे पहले चाहते है कि अधिक से अधिक लोग उसे पढ़े , और तारीफ भी करें । तारीफ सुनना हर व्यक्ति को अच्छा लगता है , यह मनुष्य का प्राकृतिक स्वभाव है । हमारे ब्लाग जगत में ऐसे बहुत कम पाठक है जो सिर्फ पाठक ही है , ज्यादातर लोग ब्लॉगर और पाठक दो...
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anup sethi
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सोफिया कालेज के अंग्रेजी और हिंदी विभाग ने मिल कर रहस्‍य काव्‍य और सामाजिक रूपांतरण पर दो दिन की गोष्‍ठी 14 और 15 जनवरी को की. इसमें अकादमिक पर्चों के साथ साथ फिल्‍म, नृत्‍य और संगीत को भी शामिल किया गया. जैसे अक्‍का महादेवी पर डाकुमेंटरी दिखाई गई. आंदेल के पदों पर...
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girish billore
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girish billore
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girish billore
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अविनाश वाचस्पति
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चीनी कम है चीनी कम है चीनी कम ,कम कमअमिताभ बच्चन के दिमाग की सफलता का राजउपाय यह चूहों से सीखा,असर हुआ बदाम सरीखा