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दयानन्द पाण्डेय
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दयानन्द पाण्डेय
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YASHVARDHAN SRIVASTAV
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सरकार ने कहा है कि हिंदी को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषाओं में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपना लिखित उत्तर लोकसभा में भेजकर कहा है कि विश्व पटल पर हिंदी की लोकप्रियता को बढ़ाने के लिए सरकार प्रयासरत है। मगर सच तो यह है कि दुनिय...
YASHVARDHAN SRIVASTAV
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देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नोटबंदी एकमात्र विकल्प नहीं है। बहुत सारे तरीके हैं, जिनसे अर्थव्यवस्था में व्यापक स्तर पर सुधार लाया जा सकता है। यदि केंद्र कानून बनाकर लोगों तथा अन्य सरकारी कर्मियों के लिए यह अनिवार्य कर दे कि सप्ताह में किसी भी निर्धारि...
YASHVARDHAN SRIVASTAV
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पीओएस ( प्वॉइंट ऑफ सेल ) मशीनों की आपूर्ति चीनी कंपनियों पर निर्भर है। बैंकों ने बड़ी मात्रा में इन मशीनों को मंगाना शुरू कर दिया है। ऐसे में, जब हम डिजिटल लेन-देन की ओर बढ़ रहे हैं, तो इसका फायदा पीओएस मशीनों के माध्यम से चीनी कंपनियों को होना 'मेक इन इंडिया' को आगे...
YASHVARDHAN SRIVASTAV
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आयकर अधिकारियों द्वारा विभिन्न बैंकों, निजी वित्तीय प्रतिष्ठानों और स्वर्णकारों के यहां छापे डालने से करोड़ों नए नोट, सोने की ईंटें और जन-धन खातों में जमा किया गया लाखों का काला धन मिल रहा है। इससे यह बात साबित होती है कि प्रधानमंत्री मोदी की राह आसान नहीं है। यदि ब...
anup sethi
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अक्‍तूबर 2016 में छपे चिंतनदिशा पत्रिका के पत्रिका-परिक्रमा स्‍तंभ में पत्रिकाओं और सोशल मीडिया पर मुनि मुक्तकंठ की टिप्‍पणी छपी है। दैनिक समाचार समाचारों को एक दिन बाद रद्दी में बदलता है लेेकिन फेसबुक दैनिक अखबारों से भी ज्‍यादा तेजी से चल...
अजय  कुमार झा
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... एक कहावत है बहुत ही पुरानी और दिलचस्प ,बात यह है कि हमारी हर कहावत के पीछे जो सच छुपा होता है वह हमारे पूर्वजों के अनुभव का निचोड़ होता है तो जैसा कि मैं कह रहा था कि एक कहावत है पथ्य (दवा ) से परहेज भली ||अर्थात सच में देखा जाए तो दिल्ली के वर्तमान हालात ,&nbs...
anup sethi
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यह लेख मैंने शायद सन 1981 में लिखा था। मैं उन दिनों गुरु नानक देव विश्‍वविद्यालय अमृतसर में एम. फिल. में पढ़ रहा था। धर्मशाला कालेज के मेरे प्रोफैसर डॉ गौतम व्‍यथित लोक साहित्‍य के विशेषज्ञ थे और उन्‍होंने कांगड़ा लोक साहित्‍य परिषद भी बनाई थी जो काफी सक्रिय थी। उस...
दयानन्द पाण्डेय
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