कुछ दिन पहले एक मित्र ने मैसेज में मुझे ठरकी बोला पता नहीं किस आधार ठरकी करार देते हैं लोग। उसी के एक शब्द पर टूटी फूटी सी कविता "ठरकी"बड़ा पुराना रोग हैठरक काकिसी को ठरक हैअपने वज़ूद काकिसी को ठरक हैअपने ठरकपने काठहर करठिठक करठरक का ठरकी होना जानादेखता रहता हूँ।यूँ...