ब्लॉगसेतु

sanjiv verma salil
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सरस्वती वंदना - तमिलमहाकवि सुब्रमण्य भारती*वेळ्ळै तामरै....वेल्लै तामरै पूविल इरुप्पाळवीणे  से ̧युम ओलियिल इरुप्पाळ।कोळ्ळै इन्बम कुलवु कविदैकूरुम पावलर उळ्ळत्तिल इरुप्पाळ।। वेळ्ळै तामरै.....उळ्ळताम पोरुळ तेड़ि उणर्देओदुम वेदत्तिन उळ्निन्डंा ेळिर्वाळ।कळ्ळमटं मुन...
अनीता सैनी
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क्यों नहीं कहती झूठ है यह सब,  तम को मिटाये वह रोशनी हो तुम,   पलक के पानी से जलाये  दीप,  ललाट पर फैली स्वर्णिम आभा हो तुम,  संघर्ष से कब घबरायी ? मेहनत को लाद कंधे पर,  जीवन के हर पड़ाव पर...
Bharat Tiwari
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भरतमुनि रंग उत्सवनई दिल्ली, अक्टूबर 2019: विभिन्न भारतीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देने वाले दिल्ली सरकार के कला और संस्कृति विभाग साहित्य कला परिषद एक नए कार्यक्रम भरतमुनि रंग उत्सव  के साथ वापस लौट आया है। उत्सव का आयोजन 21 और 22 अक्टूबर 2019 को कॉपरनिक्स मा...
रवीन्द्र  सिंह  यादव
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मिटकर मेहंदी को रचते सबने देखा है,उजड़कर मोहब्बत कोरंग लाते देखा है?चमन में बहारों काबस वक़्त थोड़ा है,ख़िज़ाँ ने फिर अपनारुख़ क्यों मोड़ा है?ज़माने के सितम सेन छूटता दामन है,जुदाई से बड़ाभला कोई इम्तिहान है?मज़बूरी के दायरों मेंहसरतें दिन-रात पलीं,मचलती उम्मीदेंकब क़दम...
अनीता सैनी
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 उस मोड़ पर जहाँ  टूटने लगता है बदन छूटने लगता है हाथ देह और दुनिया से उस वक़्त उन कुछ ही पलों में उमड़ पड़ता है सैलाब यादों का  उस बवंडर में तैरते नज़र आते हैं अनुभव बटोही की तरह ...
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जन्मदिन पर शब्द नूतन गढ़ रहा हूँमैं अभी तक आपको ही पढ़ रहा हूँ--जिन्दगी में हैं बहारें आपसे ही आपके कारण समय से लड़ रहा हूँ--नाखुदा की आप ही पतवार होआपके कारण अगाड़ी बढ़ रहा हूँ --नित नये अध्याय अब भी जोड़ता हूँकामनाओं में नगीने जड़ रहा हूँ --साथ मत...
विजय राजबली माथुर
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Hemant Kumar Jha24-09-2019 डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार को नाओम चोम्स्की ने "अमेरिका के लोकतांत्रिक इतिहास की सर्वाधिक मानव द्रोही सरकार" की संज्ञा दी है। जीवित किंवदन्ती बन चुके, अमेरिका में रह रहे वयोवृद्ध विचारक चोम्स्की जब कुछ बोलते हैं तो दुनिया गम्भीरता से उन...
Rajeev Upadhyay
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आज सूरज ने कुछ घबरा कररोशनी की एक खिड़की खोलीबादल की एक खिड़की बंद कीऔर अंधेरे की सीढियां उतर गया…आसमान की भवों परजाने क्यों पसीना आ गयासितारों के बटन खोल करउसने चांद का कुर्ता उतार दिया…मैं दिल के एक कोने में बैठी हूंतुम्हारी याद इस तरह आयीजैसे गीली लकड़ी में सेगह...
 पोस्ट लेवल : कविता अमृता प्रीतम
अनंत विजय
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अमृत कौर। सौ साल पहले एक ऐसी शख्सियत का जन्म हुआ था जिसने अपनी लेखनी और अपने व्यक्तित्व से भारतीय साहित्य को गहरे तक प्रभावित किया और दुनिया उसको अमृता प्रीतम के नाम से जानती है। उन्होंने जो जिया उसको ही लिखा । अविभाजित भारत में पैदा हुई अमृता को साहित्य का संस्कार...
 पोस्ट लेवल : इमरोज अमृता प्रीतम
अनंत विजय
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हाल ही में ललित कला अकादमी ने अपना स्थपना दिवस समारोहपूर्वक मनाया। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में भारत सरकार के संस्कृति मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल समेत कला जगत के कई मूर्धन्य उपस्थित थे। अपने संबोधन में ललित कला अकादमी के अध्यक्ष और प्रतिष्ठित कलाकार उत्तम पचारणे...