ब्लॉगसेतु

mahendra verma
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प्रकृति ने मनुष्य को स्वाभाविक रूप से तार्किक बुद्धि प्रदान की है । मनुष्य की यह क्षमता लाखों वर्षों की विकास यात्रा के दौरान विकसित हुई है । लेकिन सभी मनुष्यों में तर्कबुद्धि समान नहीं होती । जिनके पास इसकी कमी थी स्वाभाविक रूप से उनमें आस्थाबुद्धि विकसित हो गई ।त...
Sanjay  Grover
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नाचने का मुझे शौक था। लेकिन शर्मीला बहुत था। कमरा बंद करके या ज़्यादा से ज़्यादा घरवालों के सामने नाच लेता था। उस वक़्त नाचने के लिए ज़्यादा मंच थे भी नहीं सो बारात एक अच्छा माध्यम था, समझिए कि बस खुला मंच था। एक किसी शादी का इनवीटेशन कार्ड आ जाए तो समझिए कि आपके ल...
विजय राजबली माथुर
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  एक अंग्रेज़ी का वाक्यांश है ‘एजुकेटेड इल्लिट्रेट’, जिन्हें हम ‘पढ़ा-लिखा गंवार’ कहते हैं. ये वो हैं जिनके पास कई डिग्रियां हैं, पर व्यावहारिक बुद्धि की भरपूर कमी है. ये लेफ्ट में भी हैं और लिबरल्स में भी. पर राइट विंग में इनकी मात्रा सर्वाधिक है.BY ...
केवल राम
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गत अंक से आगे....मैं जहाँ तक समझ पाया हूँ कि दुनिया को बदलने का प्रयास करने से पहले हम खुद को बदलने का प्रयास करें. जब एक-एक करके हर कोई खुद को मानवीय भावनाओं के अनुरूप ढालने का प्रयास करेगा तो दुनिया का स्वरुप स्वतः ही बदल जायेगा. लेकिन आज तक जितने भी प्रयास हुए ह...
सुशील बाकलीवाल
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          जैसा कि तस्वीर मे दिखाया गया है उस से आपको हाथ की उंगलियों के नाम पता चल गये होंगे ।सबसे पहले तर्जनी की बात...          अगर यह उंगली सीधी है, कहीं से भी टेडापन नहीं...
Sanjay  Grover
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कई महीने बाद टीवी रीचार्ज कराया। आठ-दस दिन से कई मजेदार चीज़ें देख रहा हूं। आज जैसे ही रिमोट चलाया, एक चैनल पर किसी पुराने सीरियल में एक नया और जवान लड़का किसीसे कह रहा था-‘तुम अगर मेरे मां-बाप का आदर नहीं कर सकते तो मैं नहीं सोचता कि तुमसे रिश्ता रखना चाहिए.......’म...
रणधीर सुमन
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                                            &...
HARSHVARDHAN SRIVASTAV
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किसी नौकरी के एंट्रेंस एग्जाम में शामिल होने के लिए या किसी संस्थान में एडमिशन के लिए, अधिकतर ऐसी प्रतियोगी परीक्षाओं में तर्कशक्ति/रीजनिंग से सम्बन्धित सवाल अक्सर पूछे जाते हैं। इसीलिए भविष्य में बेहतर करियर के लिए ये सवाल आपके लिए बहुत उपयोगी हो सकते है।1. द...
सुनील  सजल
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व्यंग्य- आधुनिक गुरु के तर्क पिछले दिनों सरकार ने शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए सख्त आदेश जारी किए | कारण , गिरते परीक्षा परिणाम , बदहाल शाली व्यवस्थाएं ,,लापरवाह शिक्षकों को सुधारना था | अत: दखल देने का अधिकार जनता , सरकारी अधिकारी व जनप्रतिनिधि  के हाथ में...
Kailash Sharma
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कभी कभी झूलने लगता मन होने या न होने के बीच तुम्हारे अस्तित्व के। तर्क की कसौटी उठाती कई प्रश्न चिन्ह अस्तित्व पर ईश्वर के। लेकिन नहीं देती साथ आस्था किसी तर्क का और पाती तुम्हें साथ हर एक पल।क्या है सत्य?तुम्हारे न होने का तर्क या आस्था तुम्हारे होने की?सोचता ह...