ब्लॉगसेतु

अनीता सैनी
12
 घटनाएँ लम्बी कतार में बुर्क़ा पहने  सांत्वना की  प्रतीक्षा में लाचार बन  खड़ी थीं | देखते ही देखते दूब के नाल-सी बेबस कतार  और बढ़ रही थी |समय का हाल बहुत बुरा था 1920 का था अंतिम पड़ाव&nb...
विजय राजबली माथुर
126
सिद्धार्थ शंकर रे जब बंगाल के मुख्यमंत्री बने तब उन्होने बर्बरतापूर्वक नक्सल आंदोलन के कार्यकर्ताओं को कुचल डाला था।छिट - पुट यह आंदोलन विभक्त होते हुये भी चलता ही रहा है क्योंकि, सैद्धान्तिक रूप से यह जायज मांगों पर आधारित है इसलिए पीड़ित जनता इनका साथ देती है। किन...
विजय राजबली माथुर
126
वर्ष 1978 - 79 में सहारनपुर के 'नया जमाना'के संपादक स्व. कन्हैया लाल मिश्र 'प्रभाकर'ने अपने एक तार्किक लेख मे 1951  - 52 मे सम्पन्न संघ के एक नेता स्व.लिमये के साथ अपनी वार्ता के हवाले से लिखा था कि,कम्युनिस्टों  और संघियों के बीच सत्ता की निर्णायक लड़ाई&...
विजय राजबली माथुर
73
स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं ) इस साक्षात्कार से भी इस लेख की पुष्टि होती है :   संकलन-विजय माथुर, फौर्मैटिंग-यशवन्त यश
विजय राजबली माथुर
126
Dinkar Kapoor18-02-2018  at 5:23pmअनपरा, सोनभद्र, 18 फरवरी 2018 आज पूंजी की तानाशाही का दौर चल रहा है। चौतरफा इस तानाशाही को स्थापित करने में मोदी और योगी की सरकारें लगी हुई है। सीधे तौर पर हमारे देश के संविधान, संस्थाओं, सार्वजनिक उद्योगों, प्राकृति...
विजय राजबली माथुर
73
स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं ) Arvind Raj Swarup Cpi16 hrs (13-10-2017 ) हिंदू राष्ट्रवादी सम्पादक हरिशंकर व्यास ने अपने अख़बार ‘नया इंडिया’ में आज लिखा है -“ढाई लोगों...
Sanjay  Grover
415
हास्य-व्यंग्यपता नहीं कितने भाई-बहिन थे पर दो का मुझे पता है-हिटलर और बटलर....हिटलर ख़बरें बनाता था और बटलर उन्हें बताकर लोगों को डराता था...‘सारी टॉफ़ियां मुझे दे दो वरना मेरा बड़ा भाई हिटलर बहुत बदमाश है, वह आकर तुमसे छीन लेगा....’ बच्चों को समझाते हुए बटलर बिलकुल...
हर्षवर्धन त्रिपाठी
83
चीन मानवता के लिए ख़तरा है। वहाँ के नागरिक मानव नहीं, मशीन हो चुके हैं। किसी भी विचार के लिए वहाँ जगह ही नहीं है। कल प्रभाष प्रसंग में शामिल होने सत्याग्रह मण्डप में था। सामने हरी घास पर पीले कपड़ों में कुछ लोग योग जैसा कुछ कर रहे थे, चाइनीज़ जैसी भाषा में लिखा था।...
Bhavna  Pathak
79
कर लें विचारक्या  आप हैं तैयारनारी मुक्ति में सहभागिता कोक्योंकीनारी मुक्ति नारी से ज्यादापुरुष मुक्ति की लड़ाई हैपुरुष के तानाशाह से लोकतांत्रिक होने कीपति परमेश्वर से साथी बनने कीगुलाम बनाने की मानसिकता से मुक्तिकामी बनने कीसच कहूं तो हिंसक पशु से इंसान बनने...
Tejas Poonia
383
आज ही के दिन सन 18दिसम्बर 1879 में जार्जिया में जन्&#23...