ब्लॉगसेतु

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ध्वजा तिरंगा हंसता चेहरा देखके, हर्षित होते लोग ।मन भी पुलकित हो रहा, मिटते सारे रोग ।।मुखड़े की मुस्कान से,  बढ़ जाती है शान। अच्छे लो...
 पोस्ट लेवल : " ध्वजा तिरंगा " दोहे
शिवम् मिश्रा
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सभी हिंदी ब्लॉगर्स को मेरा सादर नमस्कार।पिंगली वेंकैया (अंग्रेज़ी: Pingali Venkayya, जन्म: 2 अगस्त, 1876, आन्ध्र प्रदेश; मृत्यु: 4 जुलाई, 1963) भारत के राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा' के अभिकल्पक थे। वे भारत के सच्चे देशभक्त, महान् स्वतंत्रता सेनानी एवं कृषि वैज्ञानिक भी थ...
HARSHVARDHAN SRIVASTAV
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HARSHVARDHAN SRIVASTAV
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शिवम् मिश्रा
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 भारत के राष्ट्रीय ध्वज जिसे तिरंगा भी कहते हैं, तीन रंग की क्षैतिज पट्टियों के बीच नीले रंग के एक चक्र द्वारा सुशोभित ध्वज है। इसकी अभिकल्पना पिंगली वैंकैया ने की थी। इसे १५ अगस्त १९४७ को अंग्रेजों से भारत की स्वतंत्रता के कुछ ही दिन पूर्व २२ जुलाई, १९४...
kumarendra singh sengar
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व्यावहारिक रूप से हमने भले ही आज़ादी सन 1947 में पाई हो मगर हम एक तरह से  30 दिसंबर 1943 को ही आजाद हो गए थे. यह दिन शायद बहुत से देशवासियों को स्मरण भी न हो मगर सत्य यही है कि इसी दिन इस देश के एक क्रांतिकारी बेटे ने स्वतंत्र भारत के रूप में राष्ट्र ध्वज फहराय...
kumarendra singh sengar
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21 अक्टूबर का दिन देश के लिए ऐतिहासिक दिन है. इसे महज इसलिए याद नहीं किया जाना चाहिए कि इस दिन देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया. यह आज़ाद देश में पहली बार है जबकि 21 अक्टूबर को किसी प्रधानमंत्री ने लाल किले पर तिरंगा फहराया....
kumarendra singh sengar
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स्वतंत्र भारत की पहली आधी रात को जब लाल किले से सबका प्रिय तिरंगा फहराया था, तब हवा हमारी थी, पानी हमारा था, जमीं हमारी थी, आसमान हमारा था। सब कुछ हमारा था पर वहाँ उपस्थित जन-जन की आँखों में नमी थी। पहली बार स्वतन्त्र हवा में लहराते हुए अपने प्यारे तिरंगे को सलामी...
शिवम् मिश्रा
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पिंगली वैंकैया (02/08/1876 - 04/07/1963)पिंगली वैंकैया भारत के राष्ट्रीय ध्वज के अभिकल्पक हैं। वे भारत के सच्चे देशभक्त एवं कृषि वैज्ञानिक भी थे।जीवनीपिंगली वैंकैया का जन्म 2 अगस्त, 1876 को वर्तमान आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम के निकट भाटलापेन्नुमारु नामक स्थान प...
शिवम् मिश्रा
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 भारत के राष्ट्रीय ध्वज जिसे तिरंगा भी कहते हैं, तीन रंग की क्षैतिज पट्टियों के बीच नीले रंग के एक चक्र द्वारा सुशोभित ध्वज है। इसकी अभिकल्पना पिंगली वैंकैया ने की थी। इसे १५ अगस्त १९४७ को अंग्रेजों से भारत की स्वतंत्रता के कुछ ही दिन पूर्व २२ जुलाई, १९४७...