ब्लॉगसेतु

शिवम् मिश्रा
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 भारत के राष्ट्रीय ध्वज जिसे तिरंगा भी कहते हैं, तीन रंग की क्षैतिज पट्टियों के बीच नीले रंग के एक चक्र द्वारा सुशोभित ध्वज है। इसकी अभिकल्पना पिंगली वैंकैया ने की थी। इसे १५ अगस्त १९४७ को अंग्रेजों से भारत की स्वतंत्रता के कुछ ही दिन पूर्व २२ जुलाई, १९४७...
शिवम् मिश्रा
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पिंगली वैंकैया (02/08/1876 - 04/07/1963)पिंगली वैंकैया भारत के राष्ट्रीय ध्वज के अभिकल्पक हैं। वे भारत के सच्चे देशभक्त एवं कृषि वैज्ञानिक भी थे।जीवनीपिंगली वैंकैया का जन्म 2 अगस्त, 1876 को वर्तमान आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम के निकट भाटलापेन्नुमारु नामक स्थान पर...
शिवम् मिश्रा
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भारत के राष्ट्रीय ध्वज जिसे तिरंगा भी कहते हैं, तीन रंग की क्षैतिज पट्टियों के बीच नीले रंग के एक चक्र द्वारा सुशोभित ध्वज है। इसकी अभिकल्पना पिंगली वैंकैया ने की थी। इसे १५ अगस्त १९४७ को अंग्रेजों से भारत की स्वतंत्रता के कुछ ही दिन पूर्व २२ जुलाई, १९४७ को आयो...
Ravindra Pandey
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क्या मन कहुँ, क्या तन कहुँ...-------------***------------क्या मन कहूँ, क्या तन कहूँ,सर्वस्व तेरा, ऐ वतन कहुँ...मेरा रोम रोम, है तेरी धरा,एक फूल मैं, तुझे चमन कहुँ...क्या मन कहुँ......तेरे बाज़ुओं में, वो जान है,थामे तिरंगा, महान है...कई रंग है, जाति धर्म के...तुझे स...
kumarendra singh sengar
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          जब पहली आधी रात को तिरंगा फहराया गया था, तब हवा हमारी थी, पानी हमारा था, जमीं हमारी थी, आसमान हमारा था तब भी जन-जन की आँखों में नमी थी। पहली बार स्वतन्त्र आबो-हवा में अपने प्यारे तिरंगे को सलामी देने के लिए उठे हाथों में एक क...
Sandhya Sharma
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एक बात कहूँ..?खरीदोगे तोअपमान करोगेसड़कों पर फेंकोगेन खरीदोगे तोनन्हे मज़दूरों कासाल भर का इन्तज़ार व्यर्थचलो मान लियातुम मना लोगे इनके बनाए हुएझंडे बिना आज़ादीक्या है कोई हल...?जो पूरा कर दे इनकेछोटे - छोटे सपनेजो दिला सके इन्हेंभूख और गरीबी सेआज़ादी....!
 पोस्ट लेवल : भारत आज़ादी तिरंगा 15th August
शिवम् मिश्रा
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पिंगली वैंकैया (02/08/1876 - 04/07/1963)पिंगली वैंकैया भारत के राष्ट्रीय ध्वज के अभिकल्पक हैं। वे भारत के सच्चे देशभक्त एवं कृषि वैज्ञानिक भी थे।जीवनीपिंगली वैंकैया का जन्म 2 अगस्त, 1876 को वर्तमान आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम के निकट भाटलापेन्नुमारु नामक स्थान पर ह...
शिवम् मिश्रा
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भारत के राष्ट्रीय ध्वज जिसे तिरंगा भी कहते हैं, तीन रंग की क्षैतिज पट्टियों के बीच नीले रंग के एक चक्र द्वारा सुशोभित ध्वज है। इसकी अभिकल्पना पिंगली वैंकैया ने की थी। इसे १५ अगस्त १९४७ को अंग्रेजों से भारत की स्वतंत्रता के कुछ ही दिन पूर्व २२ जुलाई, १९४७ को आयोज...
kumarendra singh sengar
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कल्पना कीजिये उस क्षण की जबकि आपके आसपास गोलियाँ चल रही हों, बम के धमाके हो रहे हों और उसी समय आपका कोई साथी, जो एक पल पहले आपके साथ था, दुश्मन की गोली का शिकार हो जाता है. सोचकर देखिये वो दृश्य जबकि परिवार के बड़े-बुजुर्गों के सामने उस युवा का पार्थिव शरीर तिरंगे म...
sanjiv verma salil
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लघुकथा-तिरंगा*माँ इसे फेंकने को क्यों कह रही हो? बताओ न इसे कहाँ रखूँ? शिक्षक कह रहे थे इसे सबसे ऊपर रखना होता है। तुम न तो पूजा में रखने दे रही हो, न बैठक में, न खाने की मेज पर, न ड्रेसिंग टेबल पर फिर कहाँ रखूँ?बच्चा बार-बार पूछकर झुंझला रहा था.… इतने में कर्कश आव...