नवगीत:तोड़ दें नपना*अंदाज अपना-अपनाआओ! तोड़ दें नपना*चोर लूट खाएंगेदेश की तिजोरी परपहला ऐसा देंगेअच्छे दिन आएंगे.भूखे मर जाएंगेअन्नदाता किसानआवारा फिरें युवारोजी ना पाएंगेतोड़ रहे हर सपनाअंदाज अपना-अपना*निज यश खुद गाएंगेहमीं विश्व के नेतावायदों को जुमला कहठेंगा दिख...