पिछले कई दिनों से ‘घरबंदी’ में हूँ।घर से बाहर निकलना तो दूर,बॉलकनी तक से झाँकने में डर लगता है।कहीं मुआ वायरस हवा में ही न दबोच ले ! इस अदृश्य दुश्मन का ख़ौफ़ है ही ऐसा कि फ़ोन से भी बात करते समय तीन फ़ीट की दूरी रखता हूँ।यहाँ तक कि डर के मारे सोशल मीडिया में नहीं...