ब्लॉगसेतु

अनीता सैनी
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शिकवा करूँ न करूँ तुमसे शिकायत कोई, बिखर गया दर्द, दर्द का वह मंज़र लूट गया,  समय के सीने पर टांगती थी शिकायतों के बटन, राह ताकते-ताकते वह बटन टूट गया |मज़लूम हुई मासूम मोहब्बत ज़माने की,   भटक गयी राह अच्छे दिनों के दरश को तरस...
Sanjay  Grover
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‘हम तुम्हे मंदिर में नहीं घुसने देंगे’ वे बोलेमैं हंसाकुछ वक़्त ग़ुज़राकई लोग हंसने लगेवे फ़िर आए और बोले-‘हम तुम्हे मंदिर पर हंसनेवालों में शामिल नहीं करेंगे’मैं हंसाकुछ वक़्त और ग़ुज़राऔर कई लोग हंसेवे फिर चले आएअबके बोले ‘हमसे घृणा मत करो’मैं हंसाबोले-‘घृणा...