ब्लॉगसेतु

आदित्य सिन्हा
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दर्द का रिश्ता।  ख़ुशी। .... ख़ुशी के लिए, हम क्यों मरते रहते हैं,ख़ुशी के लिए - हम क्यों मरते रहते हैं,दर्द। दर्द जब जरूरी है, उसका ही रिश्ता सच्चा रिश्ता होता है।ख़ुशी के लिए, हम क्यों मरते रहते हैं, माँ। माँ बनना है, एक सुखद अनुभूती है ,गोद...
अनंत विजय
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इस वक्त पूरी दुनिया में एक तिलिस्मी वायरस कोरोना का खौफ जारी है। अपने देश में भी कोरोना की वजह से लॉकडाउन चल रहा है. आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सबकुछ बंद कर दिया गया है। सड़कों पर सन्नाटा का साम्राज्य है लेकिन देश की जनता का मनोबल ऊंचा है। सबके मन में बस एक ही बात चल...
ज्योति  देहलीवाल
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मैं जैसे ही एक दुकान से शॉपिंग कर बाहर आई तो मेरी नजर सामने ही बन रहे मॉल पर गई। वहां पर 10-15 मज़दूर काम कर रहे थे। उनमें एक औरत पहचानी-पहचानी सी लग रही थी। उसका ध्यान मेरी ओर नहीं था। दिमाग पर जोर डाल ही रही थी कि एकदम से याद आ गया कि अरे, ये तो मेरी बचपन की सबसे...