ब्लॉगसेतु

Bhavna  Pathak
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पत्रकारिता कहां रही मिशन अब लगा रही गोतेकमीशन सुविधाओं की बहती गंगा मेंफिर क्यों कोई करे निर्भीक पत्रकारितातब भी कुछ करते  हैं जिन्हें या तो चुप करा दिया जाता हैया विपक्ष का दलाल ठहरा दिया जाता है।गौरी लंकेशतुम न हिन्दू विरोधी थींन मुस्लिम समर्थकतुम खड़ी थ...
रणधीर सुमन
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यह विभिन्‍न राजनीतिक पार्टियों और नेताओं द्वारा प्रतिमाओं(icons) का राजनीतिक सत्‍ता के लिए इस्‍तेमाल का दौर है। प्रतिमाओं के राजनैतिक इस्‍तेमाल की यह प्रवृत्ति इकहरी और एकतरफा न होकर काफी पेचदार है। इसमें अपनी पसंदीदा प्रतिमा को उठाने के लिए किसी दूसरी प्रतिमा को...
रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : कहानी नन्दलाल भारती
रविशंकर श्रीवास्तव
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Kajal Kumar
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prabhat ranjan
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महात्मा गाँधी की वतन वापसी के सौवें साल में उनके नाम यह मार्मिक पाती लिखी है दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्यार्थी नंदलाल सुमित ने- मॉडरेटर ===================प्यारे बापू, आपके वतन वापसी का सौवां साल है यह. देश भर में उत्सव मनाया जा रहा है. आपकी खूब पूजा हुई...
 पोस्ट लेवल : बापू नंदलाल सुमित
sahitya shilpi
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prabhat ranjan
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रवि बुले के लेखन को मैं गंभीरता से लेता रहा हूँ. हँसते हँसते रुला देने वाली कहानियों का लेखक. पॉपुलर और सीरियस को फेंटने वाला लेखक. लेकिन इधर उन्होंने 'दलाल की बीवी' नामक उपन्यास में 'मंदी के दिनों में लव सेक्स और धोखे की कहानी' क्या लिखी कि सवालों के घेरे में आ गए...
विजय राजबली माथुर
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Kashi Nath Kewat January 2 via mobileकरवटें बदल नहीं ,तु अब तो आँखें खोल दे ! तु निकल तो एक बार , इन्कलाब बोल दे ! गाँव -गाँव भय अशांति उठ रहा तूफ़ान है ! क्रांति के सपूत जाग हो रहा बिहान हैं।Kashi Nath Kewat 20 hours ago via mobileक्या सचमुच केजरीवाल महान है ?: --...
अविनाश वाचस्पति
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दलों को दलदल में बदलने के लिए के लिए पहले यह सेहरा राजनैतिक दलों के माथे पर बांधा जाता रहा है, अब भी बांधा जाता है। कहा और माना जाता है कि दलदल के विकास में दलों की भूमिका असंदिग्‍ध है। मतलब जहां राजनैतिक दल होंगे वहां पर दलदल अवश्‍य होगा। जबकि यह सच्‍चाई है कि दलद...