ब्लॉगसेतु

यूसुफ  किरमानी
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  "हिन्दूराष्ट्र में औरतों की ज़िन्दगी के अंधेरों को शिक्षा के नूर से शूद्र और मलेच्छ (मुसलमान) ने मिलकर जगमग उजियारा बिखेरा है....."  तमाम (भारतीय) शिक्षित औरतों, आज के दिन एहतराम से याद करो, उन फ़रिश्ते सिफ़त दंपति जोड़ों (सावित्रीबाई-जोतिबा फुले, फ़ाति...
यूसुफ  किरमानी
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अगर किसी धर्म के डीएनए में ही महिला अपराध है तो वो कैसा धर्म?  अगर किसी धर्म के डीएनए में ही बाल अपराध है तो वो कैसा धर्म?  अगर किसी धर्म के डीएनए में छुआछूत, ऊंच-नीच, सामाजिक असमानता है तो वो कैसा धर्म ?  इसलिए अपने - अपने धर्म पर फिर...
यूसुफ  किरमानी
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 रोम के जलने पर नीरो अब बाँसुरी नहीं बजाता वह मनाली की हसीन वादियो को किसी टनल के उद्घाटन के बहाने निहारने जाता है।...वही नीरो मोर को दाना चुगाते हुए अपने चेहरे पर मानवीयता की नक़ाब ओढ़ लेता है।...वह हाथरस कांड पर चुप है। नाले के गैस पर चाय बनाने से लेकर टिम्ब...
sanjeev khudshah
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सदी का महाझूठ - है प्रीत जहां की रीत सदा संजीव खुदशाह भारतीय सिनेमा के कुछ गीतों ने समाज पर अमिट छाप छोड़ी है। कुछ गीतों ने तो लोगो का मार्ग दर्शन भी किया है। इनमें कुछ गीत ऐसे भी रहे है जिन्‍होने समाज पर अमिट छाप तो छोड़ी है लेकिन वे  झूठ के पूलिंदे रहे है, म...
हर्षवर्धन त्रिपाठी
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बसपा प्रमुख मायावती ने आजमगढ़ में दलितों की बेटियों से उत्पीड़न के मामले में किंतु परंतु के साथ ही सही, लेकिन उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की प्रशंसा की है। उन्होंने कहाकि दलित बहन बेटियों के साथ हुए उत्पीड़न का मामला हो या अन्य किसी भी जाति व धर्म की बहन ब...
यूसुफ  किरमानी
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शिकार की तलाश में सरकारसरकार कोरोना वायरस में अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए शिकार तलाश रही है...जब हम लोग घरों में बैठे हैं कश्मीर से कन्या कुमारी तक सरकार अपने एजेंडे पर लगातार आगे बढ़ रही है...ये भूल जाइए कि अरब के चंद लोगों से मिली घुड़की के बाद फासिस्ट सरकार द...
यूसुफ  किरमानी
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हथियार बेचने आ रहे हिरोशिमा के क़ातिलों की संतान के स्वागत में वो कौन लाखों लोग अहमदाबाद की सड़कों पर होंगे ?दीवार के इस पार या उस पार वालेनरोदा पाटिया वाले या गुलबर्गा वाले।डिटेंशन कैंप सरीखी बस्तियों वालेया खास तरह के कपड़े पहनने वाले।।वो जो भी होंगे पर किसान तो...
विजय राजबली माथुर
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फोटो सौजन्य से कामरेड प्रदीप शर्मा लखनऊ, में कल दिनांक  16 अकूबर को 5  वामपंथी दलों ( भाकपा, माकपा , भाकपा - माले, फारवर्ड ब्लाक और आर एस पी ) ने पक्का पुल ( लाल पुल ) से घंटाघर तक प्रदर्शन जुलूस निकाल कर एक सभा की जिस के द्वारा  नौजवानों, किसान...
Bharat Tiwari
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"जाति एक सच है परंतु उस के भीतर वर्ग भी साँस लेता है, किसी गर्भस्थ शिशु की तरह।", दलित साहित्य का स्वरूप निखारती, अजय नावरिया की रोचक रूमानी कहानी "आवरण"पाठक हो या समाज, उसे अपने पड़ोसी पाठक और पड़ोसी समाज के उत्थान और पतन दोनों के विषय का जानकार होना, अपडेटेड रहना उ...
विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं ) संकलन-विजय माथुर, फौर्मैटिंग-यशवन्त यश