ब्लॉगसेतु

मधुलिका पटेल
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वर्षो बाद बरसात की रातअजब इत्तेफाक की बातरात के पहर दस्तकदरवाज़े पर था कोई रहवरजैफ ने पनाह मांगीमेरे घर के चरागों मेंरौशनी बहुत कम थीपरफ्यूम की खुशबु जानी पहचानी थीपर उसकी अवारगी और कुछ खोजती निगाहें.. मेज़ पर रखी काॅफी कोजब उसने झुक कर उठायारेनकोट के...
रवीन्द्र  सिंह  यादव
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यह सड़ाँध मारतीआब-ओ-हवा भले हीदम घोंटने परउतारू है,पर अब करें भीतो क्या करेंयही तोहमसफ़र हैदुधारू है।मिट्टीपानीहवावनस्पति सेसदियों पुरानीतासीर चाहते हो,रात के लकदकउजालों मेंटिमटिमातेजुगनुओं कोपास बुलाकरकभी पूछा-"क्या चाहते हो?" तल्ख़ियों सेभागते-भागतेआख़िरहास...
PRABHAT KUMAR
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वो हसीं शाम और तुम्हारा दस्तकशाम को आना और फिर यूँ ही हंस देनाएक अंजुरी होली का रंग फेंक देनाऐसे ही जैसे धूप का पोखरा में सिमटनाऔर मेरे माथे पर लालिमा को फेंक देनामैं अलसाया हुआ सा था मगर रंग गयातुम्हारी उस लाल होठों की लाली मेंऔर तुम्हारी बाहों में डूबने लगाऐसे ही...
ANITA LAGURI (ANU)
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जीवन बढ़ चला सांध्य बेला की और...!सुरज ने भी रक्तिम आभा बिखेर स्वागत किया मेरा...!युं लगे कल ही तो चलना शुरू किया था...!                  मैंनें ....थाम  उंगलियां...बाबा की,गिर...
Ravindra Pandey
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गीत बन कर मिलो, गुनगुनाऊँगा मैं,आओ मेरी ग़ज़ल, तुमको गाऊँगा मैं...दूरियां दरमियां, और कब तक रहे,ग़म जुदाई के हम, बोलो कब तक सहें,और कब तक भला, आजमाऊँगा मैं,आओ मेरी ग़ज़ल....एक दस्तक हुई, आज दिल पे मेरे,मेरी उम्मीद है, ये करम हो तेरे,और कब तक यूँ ही दिल जलाऊँगा मैं...आओ...
विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं ) इस सरकारी अधिकारी को भी महिला के शोषण में सहयोग अन्य महिला से ही मिला और प्राईवेट अधिकारियों को भी. लोहे की कुल्हाड़ी में लकड़ी का हत्था लगा कर ही ल...
sanjeev khudshah
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नई दिल्ली। आजकल जिस प्रकार से सोशल मीडिया का गला घोटने का सिलसिला चल पड़ा है उसमें फेसबुक ट्विटर ब्लॉग के साथ-साथ गूगल ग्रुप को भी निशाना बनाया जा रहा है। हाल ही में दलित मूमेंट एसोसिएशन गूगल ग्रुप को बंद कर दिया गया। तर्क यह दिया गया कि इसमें दुर्भावना पूर्ण...
जन्मेजय तिवारी
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              सुबह-सुबह जब पड़ोसी दरवाजे पर दस्तक देता है, तो मस्तक में अजीब-अजीब से झटके गुलाटियाँ मारने लगते हैं । अब कौन-सा लफड़ा मोल लेने आया है मुझसे? मगर मैंने तो उसे उकसाने के कोई जतन नहीं किए पिछले दिनों । जरूर किसी त...
अंजू शर्मा
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व्हाट्स एप समूह दस्तक में मैं अक्सर विश्व साहित्य और भारतीय भाषाओँ से हिंदी में अनूदित कवितायें साझा करती हूँ! अब से कुछ चुनिन्दा पोस्ट स्वयंसिद्धा पर भी लगाने का प्रयास करुँगी ताकि फेसबुक और ब्लोगिंग की दुनिया में सक्रिय लोगों तक पहुंचा सकूं! आज प्रस्तु...
विजय राजबली माथुर
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नई दिल्ली। हाल ही में देश की सेवा करने वाले जवानों को श्री श्री की सेवा में लगाया गया। जवानों से उनकी कोई इच्छा नहीं पूछी गई और उन्हें इस काम के लिए लगा दिया गया। देशभर में इसका विरोध हुआ। आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रम में सैकड़ों जवान बाबा की सेवा में लगाए गए थे, वही...