ब्लॉगसेतु

kumarendra singh sengar
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सामाजिक बदलाव के दौर में शादियों के आयोजन में भी बदलाव देखने को मिलने लगे हैं. विवाह का निर्धारण होने के पहले दिन से लेकर विवाह होने के अंतिम दिन तक की गतिविधियाँ भी तमाम सारे बदलाव के दौर से गुजरने लगी हैं. दूल्हा, दुल्हन का साज-श्रृंगार तो इन बदलाव का सबसे बड़ा शि...
sanjiv verma salil
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दोहे दहेज़ पर *लें दहेज़ में स्नेह दें, जी भरकर सम्मानसंबंधों को मानिए, जीवन की रस-खान*कुलदीपक की जननी को, रखिए चाह-सहेजदान ग्रहण कर ला सके, सच्चा यही दहेज*तीसमारखां गए थे, ले बाराती साथजीत न पाए हैं किला, आए खाली हाथ*शत्रुमर्दि...
 पोस्ट लेवल : doha dahej दोहा दहेज़ पर
सरिता  भाटिया
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जब इंदु के बेटे की शादी के लिए लड़की पसंद कर ली गई तो घर में ख़ुशी का माहौल था | .......इंदु शुरू से ही दहेज़ के खिलाफ थी इसलिए उसने सबसे पहले ही कहना शुरू कर दिया कि हमें सादगी से शादी करनी है ,पर कोई सुनने को तैयार नहीं था | सब कहने लगे आपको सादगी से करनी है पर लड़की...
 पोस्ट लेवल : दहेज़ लघुकथा
sanjiv verma salil
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लघुकथा आदर्श *त्रिवेदी जी ब्राम्हण सभा के मंच से दहेज़ के विरुद्ध धुआंधार भाषण देकर नीचे उतरे। पडोसी अपने मित्र के कान में फुसफुसाया 'बुढ़ऊ ने अपने बेटों की शादी में तो जमकर माल खेंचा लिया, लडकी वालों को नीलाम होने की हालत में ला दिया और अब दहेज़ के विरोध में भाषण दे...
सुनील  सजल
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लघुव्यंग्य – गारंटी ‘’ तुम भी शीला किस बुद्धि की हो ...छोटी-सी नौकरी में लगे लडके को अपनी फूल-सी बिटिया का हाथ थमाकर ढेर सारा दहेज़ दे बैठी .... और दूसरे लडके नहीं मिल रहे थे क्या |’’ सुनीति ने कहा तो वह बोली –‘’ लडके तो  बहुत मिल रहे थे .... पर इसमें बात कुछ औ...
सुनील  सजल
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लघुकथा – लक्ष्मी प्रतिष्ठा महेश की शादी को तीन-चार दिन ही बचे थे कि अचानक उसके घर वालों को खबर मिली | उसकी मंगेतर दो-तीन पूर्व ही अपने प्रेमी के साथ घर से भाग गयी | अत: शादी निरस्त ही समझी जा रही थी |यह खबर सुनकर महेश बहुत उदास था, साथ ही उसकी मां भी | लेकिन उसके प...
सुनील  सजल
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   @  यह है.............बेटी का विवाह बड़े घराने के लडके के संग किया दहेज़ में भी लाखों का सामान दिया व्यवस्थाओं के नाम पर बुलंदियों का झंडा गाडा अच्छे –अच्छे रईसों को पीछे पछाड़ा देते हुए उसे शाबासी एक बाराती ने किसी से पूछा –‘लड़की का पिता  किसी द...
Roshan Jaswal
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'देखो तुम्हारे अतीत कोजानते हुए भीमैने तुमसे शादीकी।'  पतिसुहागरात को पहलेलैंगिक संसर्ग के बाद से बोला।पत्नीपत्नी ने पतिकी बात सुनकरअपनी झुंकी आँखेऔर झुंकी दी।'कहो अब कौनमहान है मैंया वो तुम्हाराप्रेमी ?' पति वापसतनिक घमंड सेबोला। पत्नी अब भीवैसे ही बैठीरही। म...
केवल राम
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गतांक से आगे   हमारे देश में ही नहीं बल्कि दुनिया के परिदृश्य पर अगर दृष्टिपात करें तो स्थितियां संतोषजनक नहीं है. व्यक्ति का सोच के स्तर पर संकीर्ण होना आने वाले भविष्य के लिए ही नहीं बल्कि वर्तमान के लिए भी दुखदायी साबित हो रहा है. ऐसी स्थिति में हमारे...