ब्लॉगसेतु

ANITA LAGURI (ANU)
0
रात्रि का दूसरा पहरकुछ पेड़ ऊँघ रहे थेकुछ मेरी तरह शहर का शोर सुन रहे थेकि पदचापों की आती लय ताल नेकानों में मेरेपंछियों का क्रंदन उड़ेल दियातभी देखा अँधेरों मेंचमकते दाँतों के बीचराक्षसी हँसी से लबरेज़ दानवों कोजो कर रहे थे प्रहार हम परकाट रहे थे हमारे हाथों कोप...
PRAVEEN GUPTA
0
सेठ रामदास जी गुड़वाला दिल्ली के अरबपति सेठ और बैंकर थे और अंतिम मुग़ल बादशाह बहादुर शाह जफर के गहरे दोस्त थे। इनका जन्म #अग्रवाल परिवार में हुआ था। इनके परिवार ने दिल्ली क्लॉथ मिल्स की स्थापना की थी। उस समय मुग़ल दरबार की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय थी। अधिकांश मुग़ल सरद...
Kailash Sharma
0
एक ब्राह्मण बहुत आलसी, एक गाँव में रहता था,खेत जमीन बहुत थी उसके, लेकिन कुछ न करता था.उसके आलस के कारण, पत्नी बहुत दुखी रहती थी,मैं क्यों काम करूंगा कोई, कहता जब पत्नी कहती थी.एक दिन घर में साधू आया, उसका था सत्कार किया,हाथ पैर उसके धुलवा कर, उसको था जलपान दिया.खुश...
रणधीर सुमन
0
रोटियाँ गरीब की प्रार्थना बनी रहीं दिन गए बरस गए यातना गई नहीं रोटियाँ गरीब की प्रार्थना बनी रहीं एक ही तो प्रश्न है, रोटियाँ के पीर का पर उसे भी आसरा है आंसुओं के नीर का राज है गरीब का ताज दानवीर का तख्त भी पलट गए पर कामना गई नहीं रोटियाँ गरीब की प्रार्थना बनी रह...
Kailash Sharma
0
                                     (चित्र गूगल से साभार)क्यों पसरती जा रही हैवानियत इंसानों में,क्यों घटता जा रहा अंतरमानव और दानव में,क्यों हो गया मानवघृणित दानव...