ब्लॉगसेतु

Krishna Kumar Yadav
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'विश्व हिन्दी दिवस' प्रति वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य विश्व में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिये जागरूकता पैदा करना व हिन्दी को अंतर्राष्ट्रीय भाषा के रूप में पेश करना है। हिंदी को लेकर तमाम संस्थाएँ, सरकारी विभाग व विद्वान अपने स्तर पर कार्य कर रहे...
अनंत विजय
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अभी-अभी संविधान दिवस बीता है। जब भी संविधान दिवस (26 नवंबर) आता है या संविधान से जुड़ी बातों पर देशव्यापी विमर्श होता है तब वामपंथी धारा में बहने वाले लेखक और बौद्धिक बाबा साहेब आंबेडकर की कई बातों को संदर्भ से काटकर उद्धृत करते हैं। आंबेडकर के विचारों की आड़ में व...
Kavita Rawat
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    लो फिर आ गया एक पर्व की तरह हमारा हिन्दी का महोत्सव। हर वर्ष की भांति 14 सितम्बर को हिन्दी चेतना जागृत करने, उसके प्रति निष्ठा व्यक्त करने और उसका सिंहावलोकन कर उसकी प्रगति पर विचार करने के उद्देश्य से लगाई गई प्रदर्शिनी, मेले, गोष्ठी, सम्मेलन एव...
Krishna Kumar Yadav
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हिन्दी साहित्य के इतिहास में उपन्यास सम्राट के रूप में प्रसिद्ध मुंशी प्रेमचंद के पिता अजायब राय श्रीवास्तव लमही, वाराणसी में डाकमुंशी (क्लर्क) के रूप में कार्य करते थे। ऐसे में प्रेमचंद का डाक-परिवार से अटूट सम्बन्ध था। मुंशी प्रेमचंद को पढ़ते हुए पीढ़ियाँ बड़ी हो गई...
जेन्नी  शबनम
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ओ पापा! ******* ओ पापा!   तुम गए   साथ ले गए   मेरा आत्मबल   और छोड़ गए मेरे लिए   कँटीले-पथरीले रास्ते   जिसपर चलकर   मेरा पाँव ही नहीं मन भी   छिलता रहा।   तुम्हार...
 पोस्ट लेवल : पितृ दिवस पापा
विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं )     संकलन-विजय माथुर, फौर्मैटिंग-यशवन्त यश
 पोस्ट लेवल : महिला दिवस औरत आंदोलन
Kavita Rawat
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मुझे याद है जब हम बहुत छोटे थे तो हमारे घर- परिवार की तरह ही गांव से कई लोग रोजी-रोटी की खोज में शहर आकर धीरे-धीरे बसते चलते गए। शहर आकर किसी के लिए भी घर बसाना, चलाना आसान काम नहीं रहता है। घर-परिवार चलाने के लिए पैसों की आवश्यकता होती है। उसके बिना न रहने का ठिका...
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--मात-पिता के चरण छू, प्रभु का करना ध्यान।कभी न इनका कीजिए, जीवन में अपमान।१।--वासन्ती मौसम हुआ, काम रहा है जाग।बगिया में गाने लगे, कोयल-कागा राग।२।--लोगों ने अब प्यार को, समझ लिया आसान।अपने ढंग से कर रहे, प्रेमी अनुसंधान।३।--खेल हुआ अब प्यार का, आडम्बर से युक...
अनंत विजय
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गणतंत्र दिवस के पहले रविवार को दिल्ली के सिंघु बॉर्डर गया था, सोचा था कि किसानों के आंदोलन को नजदीक से देखूंगा और समझूंगा। दिनभर वहां बिताया और आंदोलन के अलावा जो एक चीज वहां रेखांकित की, उसका उल्लेख करना आवश्यक है। प्रदर्शन आदि समान्य तरीके से चल रहा था। लोग टेंट...
sahitya shilpi
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आज हमारे लिए बड़े सौभाग्य की बात है की हमें हर साल 26 जनवरी को गणतन्त्र  दिवस मनाने का मौका मिलता है| हर साल की तरह इस साल भी सभी को इस दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाए व इस दिवस पर पेश है मेरे नई बाल कविता "मेरे सपनों का भारत "    मेरे सपनों...