ब्लॉगसेतु

अनंत विजय
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अजय देवगन की फिल्म तान्हाजी ने एक बार फिर से ये साबित किया कि दर्शकों की अपने ऐतिहासिक चरित्रों में खासी रुचि है। ये फिल्म रिलीज के पहले ही सप्ताह में सौ करोड़ के कारोबारी आंकड़ें को पार करके अपनी सफलता का परचम लहरा चुकी है। जबकि इसके साथ ही दीपिका पादुकोण की फिल्म...
अनंत विजय
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दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘छपाक’ रिलीज हो गई और फिल्म कारोबार के जानकारों के मुताबिक उसकी फिल्म को अपेक्षित ओपनिंग नहीं मिल पाई। फिल्म के दर्शकों के पसंद करने के पूर्वानुमान के आंकड़ों से भी कम की ओपनिंग मिली। पहले दिन की जो ओपनिंग मिली है वो भी संतोषजनक नहीं कही जा...
अनंत विजय
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आज दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘छपाक’ रिलीज हो रही है। इसके दो दिन पहले अचानक शाम को ये खबर आई कि दीपिका पादुकोण जवाहलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के आंदोलनकारी छात्रों के बीच पहुंच गई। इस खबर के साथ ही सोशल मीडिया पर घमासान मच गया। ट्वीटर के बयानवीरों ने इसको दीपिक...
sanjiv verma salil
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कृति चर्चा :"गाँव देखता टुकुर-टुकुर" शहर कर रहा मौज आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'*[कृति विवरण - गाँव देखता टुकुर-टुकुर, नवगीत संग्रह, नवगीतकार - प्रदीप कुमार शुक्ल, प्रथम संस्करण, वर्ष २०१८, आवरण - बहुरंगी, पेपरबैक, आकार - २१ से. x १४ से., पृष्ठ १०७, मूल्य ११०/-, प्रक...
अनीता सैनी
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क्यों नहीं कहती झूठ है यह सब,  तम को मिटाये वह रोशनी हो तुम,   पलक के पानी से जलाये  दीप,  ललाट पर फैली स्वर्णिम आभा हो तुम,  संघर्ष से कब घबरायी ? मेहनत को लाद कंधे पर,  जीवन के हर पड़ाव पर...
Asha News
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ऐसा होता हैं श्रीयंत्र का स्वरूप--श्रीयंत्र अपने आप में रहस्यपूर्ण है। यह सात त्रिकोणों से निर्मित है। मध्य बिन्दु-त्रिकोण के चतुर्दिक् अष्ट कोण हैं। उसके बाद दस कोण तथा सबसे ऊपर चतुर्दश कोण से यह श्रीयंत्र निर्मित होता है। यंत्र ज्ञान में इसके बारे में स्पष्ट किया...
Asha News
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झाबुआ। शहर के राधाकृष्ण मार्ग में रहने वाले युवा पुनित संजय सकलेचा ने दीपावली पर्व पर अपने घर के आंगन में ‘झाबुआ का राजवाड़ा महल’ की रंगोली बनाकर उसमें राजा-महाराजाओं के समय से चली आ रहीं भगोरिया परंपरा को भी प्रतिपादित किया।  पुनित सकलेचा ने बताया कि वे पिछले...
विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं )  संकलन-विजय माथुर, फौर्मैटिंग-यशवन्त यश
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--निर्धन के सपनों को,उत्सव में साकार बनाओ तुम।अपने घर में मिट्टी के ही,दीपक सदा जलाओ तुम।।--चीनी लड़ियाँ नहीं लगाना, अबकी बार दिवाली में,योगदान सबको करना है, अपनी अर्थप्रणाली में,अपने जन-गण की ताकत, दुनिया को आज दिखाओ तुम।अपने घर में मिट्टी के ही,दीपक सदा जलाओ...
रवीन्द्र  सिंह  यादव
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तिमिर भय नेबढ़ाया हैउजास से लगाव,ज्ञानज्योति नेचेतना से जोड़ातमस कास्वरूपबोध और चाव।घुप्प अँधकार मेंअमुक-अमुक वस्तुएँपहचानने का हुनर,पहाड़-पर्वतकुआँ-खाईनदी-नालेअँधेरे में होते किधर?कैसी साध्य-असाध्यधारणा है अँधेरा,अहम अनिवार्यता भी हैसृष्टि में अँधेरा।कृष्णपक्ष कीविकट...