ब्लॉगसेतु

Asha News
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ऐसा होता हैं श्रीयंत्र का स्वरूप--श्रीयंत्र अपने आप में रहस्यपूर्ण है। यह सात त्रिकोणों से निर्मित है। मध्य बिन्दु-त्रिकोण के चतुर्दिक् अष्ट कोण हैं। उसके बाद दस कोण तथा सबसे ऊपर चतुर्दश कोण से यह श्रीयंत्र निर्मित होता है। यंत्र ज्ञान में इसके बारे में स्पष्ट किया...
Asha News
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झाबुआ। शहर के राधाकृष्ण मार्ग में रहने वाले युवा पुनित संजय सकलेचा ने दीपावली पर्व पर अपने घर के आंगन में ‘झाबुआ का राजवाड़ा महल’ की रंगोली बनाकर उसमें राजा-महाराजाओं के समय से चली आ रहीं भगोरिया परंपरा को भी प्रतिपादित किया।  पुनित सकलेचा ने बताया कि वे पिछले...
विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं )  संकलन-विजय माथुर, फौर्मैटिंग-यशवन्त यश
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--दीप खुशियों के जलाओ, आ रही दीपावली।रौशनी से जगमगाती, भा रही दीपावली।।--क्या करेगा तम वहाँ, होंगे अगर नन्हें दिए,रात झिल-मिल कर रही, नभ में सितारों को लिए,दीन की कुटिया में खाना, खा रही दीपावली।रौशनी से जगमगाती, भा रही दीपावली।।--नेह के दीपक सभी को, अब जलाना चाहिए...
Kavita Rawat
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आज भले ही दीपावली में चारों ओर कृत्रिम रोशनी से पूरा शहर जगमगा उठता है, लेकिन मिट्टी के दीए बिना दिवाली अधूरी है। मिट्टी के दीए बनने की यात्रा बड़ी लम्बी होती है। इसकी निर्माण प्रक्रिया उसी मिट्टी से शुरू होती है, जिससे यह सारा संसार बना है। यह मिट्टी रूप...
kumarendra singh sengar
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असतो मा सदगमय॥ तमसो मा ज्योतिर्गमय॥ मृत्योर्मामृतम् गमय॥ यह वाक्य एक तरफ सत्य की तरफ जाने का सन्देश देता है वहीं साथ में अंधकार से प्रकाश की ओर जाने की प्रेरणा देता है। इसी तरह दीपमालिके तेरा आना मंगलमय हो भी सुन्दर, सार्थक, सशक्त और मनोहारी प्रतीत होता है। चारों ओ...
Kajal Kumar
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 पोस्ट लेवल : दीपावली Diwali दिवाली deepawali
PRAVEEN GUPTA
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साभार: अग्रभाग्वत 
kumarendra singh sengar
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समय के साथ किस तरह स्थितियाँ बदल जाती हैं या कहें कि बदल दी जाती हैं, इसका एहसास किसी को नहीं होता. एक समय था जबकि हमारा बचपन था तब मैदान बच्चों से भरे रहते थे. शाम को घर बैठे रहना डांट का कारण बनता था. हरहाल में शाम को थोड़ी देर मैदान में जाकर कुछ न कुछ खेलना अनिवा...
जेन्नी  शबनम
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दीयों की पाँत (दिवाली के 10 हाइकु)  *******  1.  तम हरता  उजियारा फैलाता  मन का दीया!  2.  जागृत हुई  रोशनी में नहाई  दिवाली-रात!  3.  साँसें बेचैन, &...
 पोस्ट लेवल : दीपावली हाइकु