ब्लॉगसेतु

Kavita Rawat
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आज भले ही दीपावली में चारों ओर कृत्रिम रोशनी से पूरा शहर जगमगा उठता है, लेकिन मिट्टी के दीए बिना दिवाली अधूरी है। मिट्टी के दीए बनने की यात्रा बड़ी लम्बी होती है। इसकी निर्माण प्रक्रिया उसी मिट्टी से शुरू होती है, जिससे यह सारा संसार बना है। यह मिट्टी रूप...
Yashoda Agrawal
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तुम्हारे चाहने से रंग नहीं बदलतेप्रेम नहीं बदलतेखून लाल ही रहता हैऔर आसमान नीलाजैसे प्रेम बढ़ता हैखून अधिक लाल हो जाताआसमान अधिक नीलाबढ़ते रंगों मेंहम-तुम एक से हो गयेदेखो !प्रेम हमारा इंद्रधनुष बन रहाबरस रहाअब धरती सुनहरी हो चली है ।@दीप्ति शर्मामूल रचना
 पोस्ट लेवल : दीप्ति शर्मा
विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं ) Pankaj Chaturvedi08-09*-2019 कोई सात मिनट लगेंगे, इसके एक एक शब्द को ध्यान से पढ़ें।- - - - - - - ---- - -- जस्टिस दीपक गुप्ता ने कहा, सर...
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दीपों की ज्योति देव दिवाली नाम से ,है यह पर्व महान। गंगा तट पर हो रहे, लाखों दीपक दान।। दीपों की ज्योति सदा, यूं ही जलती जाए। काम&...
PRAVEEN GUPTA
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साभार: नवभारत टाइम्स 
Yashoda Agrawal
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रेल में खिडकी पर बैठीमैं आसमान ताक रही हूँअलग ही छवियाँ दिख रही हैं हर बारऔर उनको समझने की कोशिशमैं हर बार करती कुछ जोड़ती, कुछ मिटाती अनवरत ताक रही हूँआसमान के वर्तमान को याअपने अतीत कोऔर उन छवियों मेंअपनों को तलाशतीमैं तुम्हें देख पा रही हूँवहाँ कितने ही...
अनंत विजय
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पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान और उसके पहले भी देश ने देखा कि किस तरह से साहित्य, कला और संस्कृति की दुनिया के कई लेखक, कलाकार और फिल्मकार आदि ने अपनी सृजनात्मकता का उपयोग राजनीति के लिए किया। दलितों, अल्पसंख्यकों के अधिकारों और राष्ट्रवाद की भ्रामक परिभाषाओं के आधार...
sanjiv verma salil
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कृति चर्चा-'अप्प दीपो भव' प्रथम नवगीतिकाव्यचर्चाकार- आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'*[कृति विवरण- अप्प दीपो भव, कुमार रवीन्द्र, नवगीतीय प्रबंध काव्य, आवरण बहुरंगी,सजिल्द जेकेट सहित, आकार २२ से.मी. x १४.५ से.मी., पृष्ठ ११२, मूल्य ३००/-, उत्तरायण प्रकाशन के ३९७ आशियाना, लख...
Yashoda Agrawal
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श्यामल घटा से थे कभी केसुये जो मेरे !चाँदी-सी कुछ-कुछ इनमे चमकने सी लगी है !!गुमान तो मुझे जो जवानी पर मेरी !धीरे-धीरे उमर अब ढलने सी लगी है ! !हर रूपसी में नज़र आती थी मासूका !बहन-बेटी अब दिखने सी लगी है ! !जब से आयी है मेरे घर नन्ही-सी परी एक !मेरी तो दुनिया ही मा...
 पोस्ट लेवल : गुरदीप सिंह
शिवम् मिश्रा
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मेजर संदीप उन्नीकृष्णन (15 मार्च 1977 - 28 नवम्बर 2008) अशोक चक्र (मरणोपरांत) संदीप उन्नीकृष्णन (15 मार्च 1977 -28 नवम्बर 2008) भारतीय सेना में एक मेजर थे, जिन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड्स (एनएसजी) के कुलीन विशेष कार्य समूह में काम किया. वे नवम्...