ब्लॉगसेतु

अरुण कुमार निगम
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अब की बार दीवाली में........(विष्णु पद छन्द)अब की बार दीवाली में हम, कुछ नूतन कर लेंकिसी दीन के घर में जाकर, उसका दुख हर लें ।अब की बार दीवाली में हम, देशी अपनाएँलुप्त हो रही परम्परा को, फिर से सिरजाएँ ।अब की बार दीवाली में हम, यह संकल्प करेंदूषित वातावरण हो रहा, क...
Dr. Mohd. Arshad Khan
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मसूर की दाल जैसा सूरज जब साँझ को पेड़ों के पीछे उतरने लगता है तो उसमें न गरमी रह जाती है, न रोशनी। यही समय होता है जब हरचरन अपने मवेशियों को हाँकता हुआ गाँव वापस लौट चलता है। उसके पास एक बैल है और दो गाएँ। तीनों मवेशी सुंदरा ताई के हैं। ताई उसकी कोई नहीं, पर अपनों...
सतीश सक्सेना
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खांसते दम ,फूलता है जैसे लगती जान जाए अस्थमा झकझोरता है, रात भर हम सो न पाएधुआं पहले खूब था अब  यह धुआं गन्दी हवा में समय से पहले ही मारें,चला दम घोटू पटाखे ,राम के आने पे कितने दीप आँखों में जले,अब लिखते आँखें जल रही हैं ,जा...
संतोष त्रिवेदी
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भक्तजनो,आज तुम्हें हम एक ऐसी सीख देने जा रहे हैं,जिससे तुम्हारे जीवन में कल्याण ही कल्याण होगा।कल तक तुमने सुना और पढ़ा है कि हम सबको अंधकार से प्रकाश की ओर चलना चाहिए।सालों से यह तुम सब कर ही रहे हो पर प्रकाश ने तुम्हें दिया कुछ ? यह इसलिए नहीं हुआ क्योंकि अब तक त...
sahitya shilpi
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sanjiv verma salil
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एक रचना दीवाली और दीवाला *सजनी मना रही दीवाली पर साजन का दीवाला है दूने दाम बेच दिन दूनाहोता लाला, घोटाला है *धन ते रस, बिन धन सब सूना, निर्धन हर त्यौहार उपासा नरक चौदहों दिन हैं उसको, निर्जल व्रत बिन भी है प्यासा कौन बताये, किससे पूछें?क्यों ऐसा गड़बड़झाला है?सजनी म...
sanjiv verma salil
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दीवाली गीत  *दीपमालिके!दीप बाल केबैठे हैं हमआ भी जाओअब तक जो बीता सो बीताकलश भरा कम, ज्यादा रीताजिसने बोया निज श्रम निश-दिनउसने पाया खट्टा-तीतामिलकर श्रम की करें आरतीसाथ हमारे तुम भी गाओराष्ट्र-लक्ष्मी का वंदन करअर्पित निज सीकर चंदन करइस धरती पर स्वर्ग उत...
 पोस्ट लेवल : diwali geet दीवाली गीत
sahitya shilpi
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Roli Dixit
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दीवाली के अवसर पर दिल खोलकर खुशियाँ मनाइए साथ ही उन्हें ऐसे लोगों के साथ बाँटिए जिनके लिए ये अनमोल हैं। इनकी मेहनत आपके घरों को सजाती है। 
 पोस्ट लेवल : दीवाली Hindi Quote Good deeds दिया
Roli Dixit
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खुशबुएँ सिधारींहेराई गयी मिटियारोई के आंख मूंदेछज्जे बैठी बिटियादिया-बाती तेल नाइना खावे को रोटियाउल्लू लक्ष्मी लै उड़े, पूजेसालिगराम की बटियाकपड़ा ना बताशा-खीलकहाँ मिले खुटियागरिबिया से नेह बढ़िअंसुवन से पिरितियाबस सपना मा रहि गईंदेवारी की बतिया...