अच्छी कवितायेँHindi Poetryयुद्ध में हूँजीवट की यह बेला हैहर योद्धा युद्ध में अकेला हैसुदूर कहीं, गिरी-कंदराओं मेंदिव्यदीप की खोज में हूँखिंची धनुष की प्रत्यंचा परनये नुकीले तीर में हूँपूर्वजों से चली आईधारदार शमशीर में हूँतुम गा रही हो विरह के गीत युद्ध और विर...