ब्लॉगसेतु

अजय  कुमार झा
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गौतम राजऋषि5 hrs · - अमूमन कोलाहल और एक अजीब सी जल्दबाज़ी से भरा रहने वाला ऑफ़िस का अहाता मध्य रात्रि के बाद के इस पहर में लीन समाधिस्थ योगी सा दिख रहा है।- पहर की बेचैनी है कि चीख़ना चाहती है ज़ोरों से।- चीख़ असमंजस में है कि आवाज़ पहुँच पायेगी या नहीं वहाँ तक...
kumarendra singh sengar
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आज अभी-अभी बैठे-बिठाए हिन्दी फिल्म छिछोरे देखने को मिली. पूरी फिल्म तो नहीं बस अंत की लगभग बीस-पच्चीस मिनट की. इस फिल्म के बारे में सुन रखा था कि हॉस्टल लाइफ के बारे में है, कॉलेज की कहानी है मगर कभी देखने की न तो इच्छा हुई और न ही देखने का मौका लगा. ऐसा इसलिए क्यो...
kumarendra singh sengar
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आज शाम एकाएक अपने स्वभाव को लेकर, हमारे साथ जुड़े हुए लोगों के स्वभाव को लेकर अपने में विमर्श शुरू हुआ. बहुत से जाने-पहचाने चेहरे नजर के सामने आकर धुँधले हो गए. ऐसे चेहरे भी अब साफ़ नहीं दिखाई दे रहे थे, जिनको कभी अपने से दूर देखना नहीं सोचा था. समझ नहीं आया कि ऐसा ह...
 पोस्ट लेवल : दोस्त दोस्ती ज़िन्दगी
kumarendra singh sengar
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आज अचानक ही कुछ बीती बातें पलट रहे थे तो तमाम बातें आँखों के सामने से गुजर गईं. पिछले चार दशकों से अधिक की जीवन-यात्रा जैसे एक पल में गुजर गई. इसे दिमाग की संरचना ही कहेंगे कि एक-एक छोटी घटना, एक-एक पल ऐसे याद रहता है जैसे अभी-अभी गुजरा हो. अपनी इस आदत के चलते समस्...
 पोस्ट लेवल : दोस्त दोस्ती समाज
kumarendra singh sengar
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आज की पोस्ट रिश्तों पर लिखने की सोच रहे थे मगर लगा कि रिश्तों की परिभाषा है क्या? जो हम आपसी संबंधों के द्वारा निश्चित कर देते हैं, क्या वही रिश्ते कहलाते हैं? क्या रिश्तों के लिए आपस में किसी तरह का सम्बन्ध होना आवश्यक है? दो व्यक्तियों के बीच की दोस्ती को क्या कह...
PRAVEEN GUPTA
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चार दोस्तों ने शुरू की थी कंपनी, आज कर रहे हैं करोड़ों का कारोबारबिजनेस में दो बार की असफल कोशिशों, लाखों रुपए गंवा बैठने के बाद, तीसरे दौर में गुरुग्राम के चार दोस्तों की कंपनी 'मिल्क बास्केट' ने बाजार का विश्वास जीत लिया है। कंपनी अब एक अरब डॉलर के लक्ष्य की ओर ह...
kumarendra singh sengar
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वर्षों पुराने दो परिचित. सामाजिक ताने-बाने के चक्कर में, शिक्षा-कैरियर के कारण चकरघिन्नी बन दोनों कई वर्षों तक परिचित होने के बाद भी अपरिचित से रहे. समय, स्थान की अपनी सीमाओं के चलते अनजान बने रहे. तकनीकी विकास ने सभी दूरियों को पाट दिया तो उन दोनों के बीच की दूरिय...
सुनीता शानू
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कालों के काल महाकाल की नगरी उज्जैन जाने का अवसर मिला। यूं तो ज्ज्जैन के कई नाम हैं मुख्यरूप से उज्जैन को उज्जयिनी के नाम से पुकारते हैं। उज्जैन आज भी भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को बचाए हुए हैं, यहाँ लगने वाला कुम्भ का मेला जग प्रसिध्द है। इसे सिंहस्थ महापर...
अजय  कुमार झा
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P K Dwivediसूत्रों के हवाले से खबर आ रही किफ्रांस सरकार ने "मोदी जी" से फोन पर पूछा है कि-सितम्बर में #राफेल की डिलीवरी सीधे देनी है या फिर पाकिस्तान मे से डेमो देते हुए लाएं"॥
अजय  कुमार झा
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कहते हैं कि संगत का असर बहुत पड़ता है और बुरी संगत का तो और भी अधिक | बात उन दिनों की थी जब हम शहर से अचानक गाँव के वासी हो गए थे | चूंकि सब कुछ अप्रत्याशित था और बहुत अचानक हुआ था इसलिए कुछ भी व्यवस्थित नहीं था | माँ और बाबूजी पहले ही अस्वस्थ चल रहे थे | हम सब धीरे...