ब्लॉगसेतु

sanjiv verma salil
6
दोहा समस्या पूर्ति चरण-तब लगती है चोट*तब लगती है चोट जब, दुनिया करे सवाल.अपनी करनी जाँच लें, तो क्यों मचे बवाल.*खुले आम बेपर्द जब, तब लगती है चोट.हैं हमाम में नग्न सब, फिर भी रखते ओट.*लाख गिला-शिकवा करें, सह लेते हम देर.तब लगती है चोट, जब होता है अंधेर.*होती ज...
 पोस्ट लेवल : दोहा
sanjiv verma salil
6
प्रदत्त शब्द :- आभूषण, गहनादिन :- बुधवारतारीख :- ११-०७-२०१८विधा :- दोहा छंद (१३-११)*आभूषण से बढ़ सकी, शोभा किसकी मीत?आभूषण की बढ़ा दे, शोभा सच्ची प्रीत.*'आ भूषण दूँ' टेर सुन, आई वह तत्काल.भूषण की कृति भेंट कर, बिगड़ा मेरा हाल.*गहना गह ना सकी तो, गहना करती रंज.सास-ननदि...
 पोस्ट लेवल : आभूषण दोहा
sanjiv verma salil
6
प्रदत्त शब्द :- आभूषण, गहनादिन :- बुधवारतारीख :- ११-०७-२०१८विधा :- दोहा छंद (१३-११)*आभूषण से बढ़ सकी, शोभा किसकी मीत?आभूषण की बढ़ा दे, शोभा सच्ची प्रीत.*'आ भूषण दूँ' टेर सुन, आई वह तत्काल.भूषण की कृति भेंट कर, बिगड़ा मेरा हाल.*गहना गह ना सकी तो, गहना करती रंज.सास-ननदि...
 पोस्ट लेवल : दोहा सलिला आभूषण
sanjiv verma salil
6
दोहा सलिलादोहा मन की बात*बात-बात में कर रहा, दोहा मन की बात।पर न बात बेबात कर, करे कभी आघात।।**बात-बात में कर रहा, दोहा मन की बात।पर न बात बेबात कर, करे कभी आघात।।*बात निकलती बात से, बात-बात में जोड़।दोहा गप्प न मारता, लेकर नाहक होड़।।*बिना बात की बात कर, संसद में...
 पोस्ट लेवल : मन दोहा सलिला बात
sanjiv verma salil
6
दोहा सलिला:संजीव 'सलिल'*कथ्य, भाव, रस, शिल्प, लय, साधें कवि गुणवान.कम न अधिक कोई तनिक, मिल कविता की जान..*मेघदूत के पत्र को, सके न अब तक बाँच.पानी रहा न आँख में, किससे बोलें साँच..ऋतुओं का आनंद लें, बाकी नहीं शऊर.भवनों में घुस कोसते. मौसम को भरपूर..पावस ठंडी ग्रीष्...
 पोस्ट लेवल : दोहा पर्यावरण
sanjiv verma salil
6
दोहा सलिला:मेघ की बात*उमड़-घुमड़ अा-जा रहे, मेघ न कर बरसात।हाथ जोड़ सब माँगते, पानी की सौगात।।*मेघ पूछते गगन से, कहाँ नदी-तालाब।वन-पर्वत दिखते नहीं, बरसूँ कहाँ जनाब।।*भूमि भवन से पट गई, नाले रहे न शेष।करूँ कहाँ बरसात मैं, कब्जे हुए अशेष।।*लगा दिए टाइल अगिन, भू है त...
 पोस्ट लेवल : दोहा सलिला मेघ बरसात
sanjiv verma salil
6
दोहा सलिला*पाठक मैं आनंद का, गले मिले आनंदबाहों में आनंद हो, श्वास-श्वास मकरंद*आनंदित आनंद हो, बाँटे नित आनंदहाथ पसारे है 'सलिल', सुख दो आनंदकंद!*जब गुड्डो दादी बने, अनुशासन भरपूरजब दादी गुड्डो बने, हो मस्ती में चूर*जिया लगा जीवन जिया, रजिया है हर श्वासभजिया-कोफी न...
 पोस्ट लेवल : आनंद दोहा
sanjiv verma salil
6
दोहा सलिला :गले मिले दोहा यमकसंजीव*चंद चंद तारों सहित, करे मौन गुणगानरजनी के सौंदर्य का, जब तक हो न विहान*salil.sanjiv@gmail.comhttp://divyanarmada.blogspot.in/
 पोस्ट लेवल : यमक दोहा दोहा यमक
sanjiv verma salil
6
दोहा सलिलाचित्र गुप्त जिसका रहा, भाव वही साकारभाषा करती लोक में, रस लय का व्यापार*अक्षर अजर अमर रहे, लघुतम ध्वनि लें जानमिलकर सार्थक रूप धर, बनें शब्द प्रतिमान*शब्द-भेद बन व्याकरण, करता भाषा शुद्धपिंगल छांदस काव्य रच, कहता पढ़ें प्रबुद्घ*भाषा जन्मे लोक में, गहता प्...
 पोस्ट लेवल : शब्दभेद भाषा दोहा
sanjiv verma salil
6
दोहा सलिला: विश्ववाणी हिंदी संस्थान जबलपुर :गुरु पूर्णिमा पर दोहोपहार*दर्शन को बेज़ार हूँ, अर्पित करूँ प्रणामसिखा रहे गुरु ज्ञात कुछ, कुछ अज्ञात-अनाम*नहीं रमा का, दिलों पर, है रमेश का राज।दौड़े तेवरी कार पर, पहने ताली ताज।।*आ दिनेश संग चंद्र जब, छू लेता आकाश।धूप चाँ...
 पोस्ट लेवल : दोहा सलिला गुरु