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Basudeo Agarwal
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जीव जंतु जंगम जगत, सबको समझ समान।योग क्षेम करके वहन, प्रभु ही रखते ध्यान।।राम, कृष्ण, वामन कभी, कूर्म, मत्स्य अभिधान।पाप बढ़े अवतार ले, प्रभु ही रखते ध्यान।।ब्रह्म-रूप उद्गम करे, रुद्र-रूप अवसान।विष्णु-रूप में सृष्टि का, प्रभु ही रखते ध्यान।।अर्जुन के बन सारथी, गीता...
Basudeo Agarwal
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धरती का जो स्वर्ग था, बना नर्क वह आज।गलियों में कश्मीर की, अब दहशत का राज।।भटक गये सब नव युवक, फैलाते आतंक।सड़कों पर तांडव करें, होकर के निःशंक।।उग्रवाद की शह मिली, भटक गये कुछ छात्र।ज्ञानार्जन की उम्र में, बने घृणा के पात्र।।पत्थरबाजी खुल करें, अल्प नहीं डर व्याप्त...
sanjiv verma salil
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राष्ट्रनेत्री सुषमा स्वराज के प्रति भावांजलि* शारद सुता विदा हुई, माँ शारद के लोक धरती माँ व्याकुल हुई, चाह न सकती रोक * सुषमा से सुषमा मिली, कमल खिला अनमोल मानवता का पढ़ सकीं, थीं तुम ही भूगोल * हर पीड़ित की मदद कर, रचा नया इतिहास सुषमा नारी शक्ति का, करा सकीं आभ...
sanjiv verma salil
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दोहा वार्ता *सबकुछ अपना मानिये, छाया तो प्रतिरूप । ढल जाती है वह सदा, रूप रूप व अरूप ।। छाया शुक्ल *गलती-ढलती है नहीं, लुकती-छिपती खूब बृज-छलिया की तरह ही, जड़ें जमीं ज्यों दूब संजीव सलिल *छाया जिसपर देव की, बन जाये वो दूब । फिर चढ़ जाए प्रभु चरण, तब...
sanjiv verma salil
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आज विशेषकरवट ले इतिहास*वंदे भारत-भारतीकरवट ले इतिहासहमसे कहता: 'शांत रह,कदम उठाओ ख़ास*दुनिया चाहे अलग हों, रहो मिलाये हाथमतभेदों को सहनकर, मन रख पल-पल साथदेश सभी का है, सभी भारत की संतानचुभती बात न बोलिये, हँस बनिए रस-खानन मन करें फिर भी नमन,अटल...
 पोस्ट लेवल : गीत दोहा इतिहास कश्मीर
sanjiv verma salil
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कृति चर्चा: ''पाखी खोले पंख'' : गुंजित दोहा शंख [कृति विवरण: पाखी खोले शंख, दोहा संकलन, श्रीधर प्रसाद द्विवेदी, प्रथम संस्करण, २०१७, आकार २२ से.मी. x १४ से.मी., पृष्ठ १०४, मूल्य ३००/-, आवरण सजिल्द बहुरंगी जैकेट सहित, प्रगतिशील प्रकाशन दिल्ली, दोहाकार संपर...
sanjiv verma salil
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समीक्षा ;सुधियों की देहरी पर - दोहों की अँजुरी समीक्षाकार आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'*[कृति विवरण: सुधियों की देहरी पर, दोहा संग्रह, तारकेश्वरी तरु 'सुधि', प्रथम संस्करण २०१९, आई.एस.बी.एन. ९७८९३८८४७१४८०, आकार २१.५ से.मी. x १४ से.मी., आवरण सजिल्द बहुरंगी, जै...
sanjiv verma salil
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दोहा दुनिया*जब तक मन उन्मन न हो, तब तक तन्मय हो नशांति वरण करना अगर, कुछ अशान्ति भी बो न*तब तक कुछ मिलता कहाँ, जब तक तुम कुछ खो न.दूध पिलाती माँ नहीं, बच्चा जब तक रो न.*खोज-खोजकर थक गया, किंतु मिला इस सा न.और सभी कुछ मिला गया, मगर मिला उस सा न.*बहुत हुआ अब मानिए, र...
 पोस्ट लेवल : doha दोहा लीक से हटकर
sanjiv verma salil
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दोहा दुनिया :शुभ प्रभात*रह प्रशांत रच छंद तो, शुभ प्रभात हो आपगौरैया कलरव करे, नाद सके जग व्याप *खुली हवा में सांस ले, जी भर फिर दे छोड़ शुभ प्रभात कह गगन से, सुत सम नाता जोड़*पैर जमा जब धरा पर, कर करबद्ध प्रणाम माता तेरी गोद में, आ...
 पोस्ट लेवल : doha shubh prabhat शुभ प्रभात दोहा
sanjiv verma salil
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दोहा सलिला *सद्गुरु ओशो ज्ञान दें, बुद्धि प्रदीपा ज्योतरवि-शंकर खद्योत को, कर दें हँस प्रद्योत *गुरु-छाया से हो सके, ताप तिमिर का दूर. शंका मिट विश्वास हो, दिव्य-चक्षु युत सूर.*गुरु गुरुता पर्याय हो, खूब रहे सारल्यदृढ़ता में गिरिवत रहे, सलिला सा तारल्...