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sanjiv verma salil
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कार्यशाला:दोहा से कुंडली*ऊँची-ऊँची ख्वाहिशें, बनी पतन का द्वार।इनके नीचे दब गया, सपनों का संसार।। - तृप्ति अग्निहोत्री,लखीमपुर खीरीसपनों का संसार न लेकिन तृप्ति मिल रही अग्निहोत्र बिन हवा विषैली आस ढल रही सलिल' लहर गिरि नद सागर तक बहती नीची कैसे हरती प्यास अगर...
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नौ दोहा दीप दिन की देहरी पर खड़ी, संध्या ले शशि-दीप गगन सिंधु मोती अगिन, तारे रजनी सीपदीप जला त्राटक करें, पाएँ आत्म-प्रकाश तारक अनगिन धरा को, उतर करें आकाश दीप जलाकर कीजिए, हाथ जोड़ नत माथ दसों दिशा की आरती, भाग्य देव हों साथ जीवन ज्योतिर्मय करे, दीपक बाती ज्योत आश...
 पोस्ट लेवल : दोहा दीप
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दोहे *बौरा-गौरा को नमन, करता बौरा आम. खास बन सके, आम हर, हे हरि-उमा प्रणाम.. देख रहा चलभाष पर, कल की झलकी आज. नन्हा पग सपने बड़े, कल हो इसका राज..http://divyanarmada.blogspot.in/
 पोस्ट लेवल : दोहा
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एक दोहा*सुन पढ़ सीख समझ जिसे, लिखा साल-दर साल।एक निमिष में पढ़ लिया?, सचमुच किया कमाल।।***संवस७९९९५५९६१८http://divyanarmada.blogspot.in/
 पोस्ट लेवल : दोहा -Acharya Sanjiv Verma 'Salil'
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मतदाता विवेकाधिकार मंच*अपराधी हो यदि खड़ा, मत करिए स्वीकार।नोटा बटन दबाइए, खुद करिए उपचार।।*जन भूखा प्रतिनिधि करे, जन के धन पर मौज।मतदाता की शक्ति है, नोटा मत की फौज।।*नेता बात न सुन रहा, शासन देता कष्ट।नोटा ले संघर्ष कर, बाधा करिए नष्ट।३०-३-२०१९*संवस७९९९५५९६१८http...
 पोस्ट लेवल : नोटा दोहा
sanjiv verma salil
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दोहा सलिला:*मले उषा के गाल पर, सूरज छेड़ गुलालबादल पिचकारी लिए, फगुआ हुआ कमाल.*नीता कहती नैन से, कहे सुनीता-सैन.विनत विनीता चुप नहीं, बोले मीठे बैन.*दोहा ने मोहा दिखा, भाव-भंगिमा खूब.गति-यति-लय को रिझा कर, गया रास में डूब.*रोगी सिय द्वारे खड़ा, है लंकेश बुखार.भिक्षा...
 पोस्ट लेवल : दोहा सलिला 2018 ki laghukathayen
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विशेष आलेखदोहा दोहा काव्य रससंजीवदोहा भास्कर काव्य नभ, दस दिश रश्मि उजास ‌गागर में सागर भरे, छलके हर्ष हुलास ‌ ‌रस, भाव, संधि, बिम्ब, प्रतीक, शैली, अलंकार आदि काव्य तत्वों की चर्चा करने का उद्देश्य यह है कि दोहों में इन तत्वों को पहचानने और सराहने के साथ दोहा रचते...
 पोस्ट लेवल : दोहा रस लेख
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-- मात शारदे को कभी, मत बिसराना मित्र।मेधावी मेधा करे, उन्नत करे चरित्र।१।--कल तक जो बैरी रहे, आज बन गये मित्र।अच्छे-अच्छों के यहाँ, बिकते रोज चरित्र।२।--भावनाओं के वेग में, बह मत जाना मित्र।रखना हर हालात में, अपने साथ चरित्र।३। --आचरण में रहे, उज्जवल चित्र...
sanjiv verma salil
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व्यंग्य दोहावली:*व्यंग्य उठाता प्रश्न जो, उत्तर दें हम-आप.लक्ष्य नहीं आघात है, लक्ष्य सके सच व्याप.*भोग लगाखें कर रए, पंडज्जी आराम.भूले से भी ना कहें, बे मूँ से "आ राम".*लिए आरती कह रहे, ठाकुर जी "जय राम".ठाकुर जी मुसका रहे, आज पड़ा फिर काम.*रावण ज्यादा राम कम, हैं...
 पोस्ट लेवल : व्यंग्य दोहा
sanjiv verma salil
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दोहा दुनिया*रश्मि अभय रह कर करे, घोर तिमिर पर वारखुद को करले अलग तो, कैसे हो भाव-पार?*बाती जग उजयारती , दीपक पाता नामरुके नहीं पर मदद से, सधता जल्दी काम*बाती जग उजयारती , दीपक पाता नामरुके नहीं पर मदद से, सधता जल्दी काम*बाती सँग दीपक मिला, दिया पुलिस ने ठोंकटीवी पर...
 पोस्ट लेवल : दोहा दुनिया