सामयिक दोहेसंजीव*जो रणछोड़ हुए उन्हें, दिया न हमने त्यागकिया श्रेष्ठता से सदा, युग-युग तक अनुराग।*मैडम को अवसर मिला, नहीं गयीं क्या भाग?त्यागा था पद अटल ने, किया नहीं अनुराग।*शास्त्री जी ने भी किया, पद से तनिक न मोहलक्ष्य हेतु पद छोड़ना, नहिं अपराध न द्रोह।*केर-बेर न...