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sanjiv verma salil
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कार्यशालादोहाधूप सुनहली साँझ की, कहती मन की बात।सर्दी खेले खेल अब, कर न सकेगी घात।। - चन्द्रकान्ता   रोला कर न सकेगी घात, मात फिर भी दे देगी सूर्य-रश्मि को हार चंद्र-कांता दे देगी चकित सलिल संजीव हो, देखे सराहे रूपअ...
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--मौसम लेकर आ गया, वासन्ती उपहार।जीवन में बहने लगी, मन्द-सुगन्ध बयार।। --सरदी अब कम हो गयी, बढ़ा धरा का ताप।उपवन में करने लगे, प्रेमी मेल-मिलाप।।खुश हो करके खिल रहे, सेमल और कपास।लोगों को होने लगा, वासन्ती आभास।।सरसो फूली खेत में, गया कुहासा हार।जीवन में...
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ख़बरदार दोहा संध्या सिंह को फड्स बुक ने ऑथर माना *संध्या को ऑथर माना मुखपोथी जीया सिंह से डर यश गाया मुखपोथी जीफेस न बुक हो जाए लखनऊ थाने मेंगुपचुप फेस बचाया है मुखपोथी जीलाजवाब नवगीत, ग़ज़ल उम्दा लिखतींख्याल न अब तक क्यों आया मुखपोथी जीजुड़ संध्या के साथ...
 पोस्ट लेवल : दोहा ख़बरदार
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दोहा-प्रतिदोहानर्म गिलहरी सी लगी , रेशम रेशम रूप lकूदी छत पर पेड़ से , जब सर्दी की धूप ll - संध्या सिंह*सिंह सूरज दुबका दिखा, संध्या में हो मौनरहा थरथरा काँपता, धैर्य धराए कौन*http://divyanarmada.blogspot.in/
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सामयिक दोहा सलिला*गाँधी जी के नाम पर, नकली गाँधी-भक्तचित्र छाप पल-पल रहे, सत्ता में अनुरक्त*लालू के लल्ला रहें, भले मैट्रिक फेलमंत्री बन डालें 'सलिल', शासन-नाक नकेल*ममता की समता करे, किसमें है सामर्थ?कौन कर सकेगा 'सलिल', पल-पल अर्थ-अनर्थ??*बाप बाप पर पुत्र है, चतुर...
 पोस्ट लेवल : दोहा सलिला
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नीर क्षीर दोहा यमककल की चिंता किये बिन, जो करते दुष्कर्मले कलकी अवतार प्रभु, मार निभायें धर्म*छलकी गोरस गगरिया, भीगी राधा मौनछल की कथा न कह सकी, फोड़ गया छिप कौन?*हल की विधि जाने बिना, हलकी कोशिश व्यर्थहल की खेती हल बिना, करना रखे न अर्थ*नल की नलकी बं...
 पोस्ट लेवल : नीर क्षीर दोहा यमक
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यमक दोहायमक का रंग दोहा के संग-.....नहीं द्वार का कामसंजीव 'सलिल'*मन मथुरा तन द्वारका, नहीं द्वार का काम.प्राणों पर छा गये है, मेरे प्रिय घनश्याम..*बजे राज-वंशी कहे, जन-वंशी हैं कौन?मिटे राजवंशी- अमिट, जनवंशी हैं मौन..*'सज ना' सजना ने कहा, कहे: 'सजाना' प्रीत.दे सकत...
 पोस्ट लेवल : यमक दोहा
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दोहा में शिव *शिव ही शिव जैसे रहें, विधि-हरि बदलें रूप।चित्र गुप्त हो त्रयी का, उपमा नहीं अनूप।।*अणु विरंचि का व्यक्त हो, बनकर पवन अदृश्य।शालिग्राम हरि, शिव गगन, कहें काल-दिक् दृश्य।।*सृष्टि उपजती तिमिर से, श्यामल पिण्ड प्रतीक।रवि मण्डल निष्काम है, उ...
 पोस्ट लेवल : दोहा शिव
sanjiv verma salil
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Saturday, May 09, 2009दोहा गाथा सनातन: 16 दोहा जन गण मन बसादोहा जनगण-मन बसा, सुख-दुःख में दे साथ.संकट में संबल बने, बढ़कर थामे हाथ.हम अंग्रेजी द्विपदियों का आनंद शन्नो जी के सौजन्य से ले रहे हैं.1. अंग्रेजी के couplets बहुत ही अकेलेपन का अहसास लिए होते है...
 पोस्ट लेवल : दोहा गाथा सनातन: १६
sanjiv verma salil
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Saturday, May 02, 2009दोहा गाथा सनातन: 15- रम जा दोहे में तनिकरम जा दोहे में तनिक, मत कर चित्त उचाट.ध्यान अधूरा यदि रहा, भटक जायेगा बाट..दोहा की गति-लय पकड़, कर किंचित अभ्यास.या मात्रा गिनकर 'सलिल', कर लेखन-अभ्यास..भ्रमर सुभ्रामर से मिले, शरभ-श्येन को जान.आज मिलें म...
 पोस्ट लेवल : दोहा गाथा सनातन: १५