ब्लॉगसेतु

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--चाहे कोई कल्प हो, या हो कोई काल।माता निज सन्तान को, रही प्यार से पाल।।-- सुख-दुख दोनों में रहे, कोमल और उदार।कैसी भी सन्तान हो, माता करती प्यार।। --पीर पराई झेलना, बहुत कठिन है काम।कलियुग में कैसे भला, पैदा होंगे राम।।-- भावनाओं...
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--उत्तरायणी पर्व के, भिन्न-भिन्न हैं नाम।आया लेकर हर्ष को, उत्सव ललित-ललाम।।--गंगा में डुबकी लगा, पावन करो शरीर।नदियों में बहता यहाँ, पावन निर्मल नीर।।--जीवन में उल्लास के, बहुत निराले ढंग।बलखाती आकाश में, उड़ती हुई पतंग।।--सूर्य रश्मियाँ आ गयीं, ख...
jaikrishnarai tushar
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स्मृतिशेष कवि -कैलाश गौतम कुछ सामयिक दोहे -कवि कैलाश गौतम चाँद शरद का मुंह लगा ,भगा चिकोटी काट |घण्टों सहलाती रही ,नदी महेवा घाट |नदी किनारे इस तरह ,खुली पीठ से धूप |जैसे नाइन गोद में ,लिए सगुन का सूप |तितली जैसे उड़ रही ,घसियारिन रंगीन |गेहूं कहता दो -नली...
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--उत्तरायणी पर्व की, मची हुई है धूम।अपने भारत देश में, लोग रहे हैं झूम।।--सरिताओं के घाट पर, लगने लगी कतार।गंगाजल अभिषेक को, सन्त चले हरद्वार।।--मकर राशि का सूर्य अब, बाँटेगा सौगात।थम जायेगा देश में, जाड़े का उत्पात।।--पतझड़ में झड़ जायगें, सभी पुराने पात।।पेड़ो...
 पोस्ट लेवल : दोहे सुधरेगा परिवेश
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--लेकर आयी लोहड़ी, फिर से नूतन हर्ष।करते हैं सब कामना, मंगलमय हो वर्ष।।--शीतल-शीतल रात है, शीतल-शीतल भोर।उत्सव का माहौल है, पसरा चारों ओर।।--खुश हो करके लोहड़ी, मना रहे हैं लोग।ज्वाला में मिष्ठान्न का, लगा रहे हैं भोग।।--मन को बहुत लुभा रहे, त्यौहारों के रंग।र...
 पोस्ट लेवल : दोहे फिर से नूतन हर्ष
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-- रहती है आकांक्षा, जब तक घट में प्राण।जिजीविषा के मर्म को, कहते वेद-पुराण।।-- जीने की इच्छा सदा, रखता मन में जीव।करता है जो कर्म को, वो होता सुग्रीव।।--आशायें जीवित रहे, जब तक रहे शरीर।जिजीविषा के साथ में, सब करते तदवीर।।--धन-दौलत की चाह में, पागल...
 पोस्ट लेवल : दोहे जिजीविषा
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--दुनिया में हिन्दीदिवस, भारत की है शान।सारे जग में बन गयी, हिन्दी की पहचान।।--चारों तरफ मची हुई, अब हिन्दी की धूम।भारतवासी शान से, रहे खुशी में झूम।।--हिन्दी है सबसे सरल, मान रहा संसार।वैज्ञानिकता से भरा, हिन्दी का भण्डार।।--युगों-युगों से चल रहे, काल-खण्ड औ’&nbsp...
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--घरवाली के साथ में, घर होता गुलजार।जीवनसाथी के बिना, सूना है परिवार।।--सजनी भगिनी-बेटियाँ, रखती सबका ध्यान।कभी न करना चाहिए, नारी का अपमान।।--शक्तिस्वरूपा नार है, माता का अवतार।फिर भी सुनते हैं नहीं, इनकी लोग पुकार।।--नारी के सम्मान का, करें आज संकल्प।महिलाओं क...
 पोस्ट लेवल : दोहे माता का अवतार
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--महँगाई ने कर दिये, कीर्तिमान सब ध्वस्त।निर्धन जनता के हुए, आज हौसले पस्त।।--पूरी दुनिया में चला, मन्दी का है दौर।लेकिन अपने देश में, महँगाई का ठौर।। --हा-हाकार मचा हुआ, दुर्लभ मिट्टीतेल।मार रसोईगैस की, लोग रहे हैं झेल।।--लाभ कमाती तेल में, भारत की सरकार।फिर...
 पोस्ट लेवल : दोहे महँगाई की मार
शालिनी  रस्तौगी
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 पोस्ट लेवल : दोहे