ब्लॉगसेतु

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--बेर-बेल के पत्र ले, भक्त चले शिवधाम।गूँज रहा है भुवन में, शिव-शंकर का नाम।१।--शिव मन्दिर में ला रहे, भक्त आज उपहार।दर्शन करने के लिए, लम्बी लगी कतार।२।--पावन गंगा नीर से, करने शिव अभिषेक। काँवड़ लेकर आ गये, प्रभु के दास अनेक।३।--जंगल में खिलने लगा, सेमल...
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--कुंकुम बिन्दी मेंहदी, काले-काले बाल।रचकर दिखलाती हिना, अपना खूब कमाल।।--मेंहदी को मत समझना, केवल एक रिवाज।सुहागिनों का गन्ध से, हिना खोलती राज।।--हरी-भरी रहती हिना, क्या पतझड़-मधुमास।बिना हिना के सेज पर, खलता है सुख रास।।--बालक बृद्ध जवान को, देती है आनन्द।श...
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--सुमनों से करते सभी, प्यार और अनुराग।खेतों में मधुमक्खियाँ, लेने चलीं पराग।।-- आते ही मधुमास के, जीवित हुआ पराग।वासन्ती परिवेश में, रंगों का है फाग।।--उपवन में आकर मधुप, छेड़ रहे हैं राग।आम-नीम के बौर में, जीवित हुआ पराग।।--वासन्ती ऋतु आ गयी, शीत गया है...
 पोस्ट लेवल : दोहे जीवित हुआ पराग
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--मात-पिता के चरण छू, प्रभु का करना ध्यान।कभी न इनका कीजिए, जीवन में अपमान।१।--वासन्ती मौसम हुआ, काम रहा है जाग।बगिया में गाने लगे, कोयल-कागा राग।२।--लोगों ने अब प्यार को, समझ लिया आसान।अपने ढंग से कर रहे, प्रेमी अनुसंधान।३।--खेल हुआ अब प्यार का, आडम्बर से युक...
sanjiv verma salil
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तीन तलाक - दोहे*तीन तलाक दीजिएहर दिन जगकर आपनफरत, गुस्सा, लोभ कोसुख न सकेंगे नापजुमलों धौंस प्रचार को,देकर तीन तलाकदिल्ली ने कर दिया है,थोथा गर्व हलाकभाव छंद रस बिंब लयरहे हमेशा साथतीन तलाक न दें कभीउन्नत हो कवि-माथआँसू का दरिया कहें,या पर्वत सा दर्दतीन तलाक न दे क...
 पोस्ट लेवल : दोहे तीन तलाक
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--हग-डे (आलिंगनदिवस)--आलिंगन के दिवस में, करना मत व्यतिपात।कामुकता को देखकर, बिगड़ जायेगी बात।।--आलिंगन के दिवस पर, लिए अधूरी प्यास।छोड़ स्वदेशी सभ्यता, कामी आते पास।-- अपनाओ निज सभ्यता, छोड़ विदेशी ढंग।आलिंगन के साथ हो, जीवनभर का संग।।--पश्चिम के परिवेश की...
ऋता शेखर 'मधु'
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दोहों के प्रकार - 8 - नर दोहा।दोहों के तेईस प्रकार होते है।वैसे 13-11के शिल्प से दोहों की रचना हो जाती है जिनमें प्रथम और तृतीय चरण का अंत लघु गुरु(12) से तथा द्वितीय और चतुर्थ चरण का अंत गुरु लघु(21) से होता है।दोहे में कुल 48 मात्राएँ होती हैं।आंतरिक शिल्प की बात...
 पोस्ट लेवल : दोहे दोहा छंद छंद दोहा
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--केसरिया को छोड़कर, चढ़ा केजरी रंग।मोह देहली का हुआ, केसरिया से भंग।।--सारे एग्जिटपोल के, सही हुए अनुमान।बी.जे.पी. अध्यक्ष का, टूटा गर्व-गुमान।।--जनता अच्छे काम का, देती है ईनाम।धन-बल पर चलता नहीं, कोई कहीं निजाम।।--लड़ते सभी चुनाव को, मुद्दे लिए अनेक।शासन करता...
 पोस्ट लेवल : चढ़ा केजरी रंग दोहे
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आया है ऋतुराज अब, समय हुआ अनुकूल।बौराये हैं पेड़ भी, पाकर कोमल फूल।।--टेसू अंगारा हुआ, खेत उगलते गन्ध।सपने सिन्दूरी हुए, देख नये सम्बन्ध।।--पंछी कलरव कर रहे, देख बसन्ती रूप।शाखा पर बैठे हुए, सेंक रहे हैं धूप।।--सरसों फूली खेत में, गेहूँ करे किलोल।कानों में पड़ने लग...
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आया है ऋतुराज अब, समय हुआ अनुकूल।बौराये हैं पेड़ भी, पाकर कोमल फूल।।--टेसू अंगारा हुआ, खेत उगलते गन्ध।सपने सिन्दूरी हुए, देख नये सम्बन्ध।।--पंछी कलरव कर रहे, देख बसन्ती रूप।शाखा पर बैठे हुए, सेंक रहे हैं धूप।।--सरसों फूली खेत में, गेहूँ करे किलोल।कानों में पड़ने लग...