ब्लॉगसेतु

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--न्यायालय तो साक्ष्य पर, करता सोच-विचार।आये जो भी फैसला, करो उसे स्वीकार।।--देते हैं सन्देश ये, गीता और कुरान।आपस में लड़ते नहीं, राम और रहमान।।--नहीं किसी की हार है, नहीं किसी की जीत।सत्य-तथ्य से है बँधा, होता काल-अतीत।।--सारी दुनिया जानती, भारत के थे राम।मच...
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--जिस बालक का ईश पर, था अनुराग अनन्य।उस नानक के जन्म से, देश हो गया धन्य।।--जाते हैं करतारपुर, जत्थों में सिख लोग।आया सत्तर साल में, आज सुखद संयोग।।--सरिताओं में बह रहा, अब तो पावन नीर।गंगा में डुबकी लगा, निर्मल करो शरीर।।--नदी-झील मिट गया, अब तो सारा पं...
 पोस्ट लेवल : आज सुखद संयोग दोहे
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--देते मुझको हौसला, कदम-कदम पर मीत।बन जाते हैं इसलिए, ग़ज़लें, दोहे-गीत।।-- शब्द और व्याकरण का, मुझे नहीं कुछ ज्ञान।इसीलिए करता नहीं, मैं झूठा अभिमान।।-- टंकण कर लेता तभी, जब आते कुछ भाव।शब्दों में करता नहीं, जोड़-तोड़ बदलाव।। --गीत-ग़ज़ल दो...
 पोस्ट लेवल : लिखने का है रोग दोहे
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--छठपूजा का आ गया, फिर पावन त्यौहार।माता जन-गण के हरो, अब तो सभी विकार।।--लोग छोड़कर आ गये, अपने-अपने नीड़।सरिताओं के तीर पर, लगी हुई है भीड़।।--अस्तांचल की ओर जब, रवि करता प्रस्थान।छठ पूजा पर अर्घ्य तब, देता हिन्दुस्थान।।--परम्पराओं पर टिका, सारा कारोबार।मान्यताओं...
 पोस्ट लेवल : दोहे षष्टी मइया
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साथ निभाती नार जल का संचय कीजिए, करना जल का पान। जल होता अनमोल है, जल को  जीवन जान।। जीवन के हर राह में ,साथ निभाती नार। बनकर...
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नगरा गांव साफ सफाई का यहाँ , बच्चों रखना ध्यान ।स्वच्छ अगर परिवेश हो ,स्वस्थ रहे को जान।। वर्षा के जल का करो, जीवन में उपयोग ।गड्ढों&nb...
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हरियाली हरियाली के साथ में ,खिलते सुन्दर फूल।पर सबको अच्छे लगें,वह समय अनुकूल।।जल से जीवन है बना, धरा और आकाश ।जल करता है सभी की ,जग मे...
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--यज्ञ-हवन करके बहन, माँग रही वरदान।भइया का यमदेवता, करना शुभ-कल्याण।।--भाई बहन के प्यार का, भइया-दोयज पर्व।अपने भइया पर करें, सारी बहनें गर्व।।--तिलक दूज का कर रहीं, सारी बहनें आज।सभी भाइयों के बने, सारे बिगड़े काज।।--रोली-अक्षत-पुष्प का, पूजा का ले थाल।बहन आरती क...
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--गोवर्धन पूजा करो, शुद्ध करो परिवेश।गोसंवर्धन से करो, उन्नत अपना देश। --अन्नकूट के दिवस पर, करो अर्चना आज।गोरक्षा से सबल हो, पूरा देश समाज।।-- श्रीकृष्ण ने कर दिया, माँ का ऊँचा भाल।इस अवसर पर आप भी, बन जाओ गोपाल।।-- गौमाता से...
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 कर सोलह श्रँगार बिंदिया कुमकुम से सदा, चमक रहा है भाल। नथनी झूले नाक में, गले स्वर्ण की माल।। कुंडल सजते कान में, होठ लाल ललचाय। ...