ब्लॉगसेतु

Yashoda Agrawal
0
जीवन में दुःख के विकल्प इतने अनिर्णीत नहीं रहे..;जितना सुख की वस्तुनिष्ठता मेंभयग्रस्त रहा-मन..!एक अकेली वेदना इतनी प्रभावी, व्याकुल और आच्छादक हो सकती है..;कभी सोचा नहीं था..!इस बहते हुए जीवन मेंखुलते रहे..सुख के इतने स्रोत कि-दिन-रात सहमा किया..;अकेला दुःख..! पहा...
 पोस्ट लेवल : अकिञ्चन धर्मेन्द्र
Yashoda Agrawal
0
मैं तुम्हें प्रेम करता हूँ..;इसलिए नहीं कि- मैं तुम्हें प्रेम करता हूँ..!मैं तुम्हें प्रेम करता हूँ..;इसलिए कि-मेरी साँसों में घुलती रहती है-माटी की सोंधी गन्ध..!मैं तुम्हें इसलिए प्रेम करता हूँ..;क्योंकिमैं जंगल से प्रेम करता हूँ..!मैं तुम्हें प्रेम करता हूँ..;इसल...
 पोस्ट लेवल : अकिञ्चन धर्मेन्द्र
sahitya shilpi
0
नन्ही चिड़िया तू तराना गाये जा...इस जीवन का क्या है राज बताए जा नन्ही चिड़िया तू तराना गाये जा..कैसे नभ को अपना कहना आता हैगम की धूप को कैसे सहना आता हैतिनके-तिनके से बनता जो आशियाँअपनों से वो घर कैसे बन जाता हैगम मेँ खुशियोँ का अफसाना गाये जानन्ही चिड़िया तू तराना ग...
Yashoda Agrawal
0
कोई दुःख इतना बड़ा नहीं होता...जितना मन ने बढ़ा लिया धीरे-धीरे..;पानी में पड़े तेल की बूँद की तरह..!न ही मन का ख़ालीपन इतना विस्तृत..;जिसमें समा जाए-पूरा पहाड़..!कोई अनुभूति इतनी गहरी नहीं होती कि उसके मापन के लिए असफल हो जाएँ- सारे निर्धारित मात्रक..!कोई रुदन इतना द्रा...
Yashoda Agrawal
0
अँजुरी-भर जल की आवश्यकता उन्हें होती है..; जिन्हें प्यास लगी हो..!जो जलने के अभ्यस्त हैं..;वे पानी से भी जल सकते हैं..!कविताएँ उनके लिए हैं..; जिन्हें प्रिय है-नीला रंग..!रिक्तताएँ जन्मदात्री होती हैं..; कलाओं की..! आसन्नप्रसवा वेदना से हूकता है-मन..!किसी भयावह,निर...
Saransh Sagar
0
श्री मन नारायण नारायण हरि हरितेरी लीला सबसे नयारी नयारी हरि हरिभज मन नारायण नारायण हरि हरिजय जय नारायण नारायण हरि हरिहरी ॐ नमो नारायणा, ॐ नमो नारायणाहरी ॐ नमो नारायणालक्ष्मी नारायण नारायण हरि हरिबोलो नारायण नारायण हरि हरिभजो नारायण नारायण हरि हरिजय जय नारायण नारायण...
दिनेशराय द्विवेदी
0
वैसे तो धर्मों में आपस में मतभेद है। एक पूरब मुँह करके पूजा करने का विधान करता है, तो दूसरा पश्चिम की ओर। एक सिर पर कुछ बाल बढ़ाना चाहता है, तो दूसरा दाढ़ी। एक मूँछ कतरने के लिए कहता है, तो दूसरा मूँछ रखने के लिए। एक जानवर का गला रेतने के लिए कहता है, तो दूसरा एक हाथ...
Saransh Sagar
0
बारिशो की छम छम में तेरे दर पे आये हैंबारिशो की छम छम में तेरे दर पे आये हैंमहरा वाली महरा कर दे झोलियाँ सबकी भर देमहरा वाली महरा कर दे झोलियाँ सबकी भर देबिजली कड़क रही है है थम थम के आये हैंबिजली कड़क रही है है थम थम के आये हैंमहरा वाली महरा कर दे झोलियाँ सबकी भर दे...
Saransh Sagar
0
शंकर शिव भोले उमापति महादेवशंकर शिव भोले उमापति महादेवपालनहार परमेश्वर, विश्वरूप महादेवपालनहार परमेश्वर, विश्वरूप महादेवमहादेव, महादेव, महादेव...महेशम् सुरेशम सुरारती नाशम, सुरारती नाशमविभूम विश्वनताम, विभुत्यांग भूषंविभूम विश्वनताम, विभुत्यांग भूषंतिरूपाक्षहमितवार...
Saransh Sagar
0
Lyrics In English Yahi raat antim yahi raat bhariBas ek raat ki ab kahani hai sariYahi raat antim yahi raat bhariNahi bandhu bandhav na koi sahayakAkela hai lanka me lanka ka nayakSabhi ratna bahumulya ran me gavayeLage ghav aise ki bhar bhi na paayeDashanan ishi...