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sanjiv verma salil
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चिंतन :धर्म*- धर्म क्या है?- धर्म वह जो धारण किया जाए- क्या धारण किया जाए?- जो शुभ है- शुभ क्या है?- जो सबके लिए हितकारी, कल्याणकारी हो- हमने जितना जीवन जिया, उसमें जितने कर्म किए, उनमें से कितने सर्वहितकारी हैं और कितने सर्वहितकारी? खुद सोचें गम धार्मिक हैं या अधा...
 पोस्ट लेवल : चिंतन धर्म
PRAVEEN GUPTA
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अग्रवंशी , से श्री गुप्त ,गुप्त साम्राज्य का उदय व वैश्य धर्म,अग्रवंशी कहूं कि सूर्यवंशी सरकारजो दृढ़ राखे धर्म को सोही राखे करतार,जय अग्र सरकार जय सूर्यवंश सरकारमहाराजा अग्रसेन ने बली प्रथा पर रोक लगाते हुए विरोध किया, तभी बहुत से क्षत्रियों ने यह कहके इंकार कर दिय...
Saransh Sagar
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 शिव महिम्न स्तोत्रम् महिम्न: पारं ते परमविदुषो यद्यसदृशी स्तुतिर्ब्रह्मादीनामपि तदवसन्नास्त्वयि गिर: ।अथावाच्य: सर्व: स्वमतिपरिणामावधि गृणनममाप्येष स्तोत्रे हर निरपवाद: परिकर: ।।1।।अतीत: पन्थानं तव च महिमा वाड्मनसयो – रतद्व्यावृत्त्या यं चकितमभ...
Saransh Sagar
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Shiv Shiv Song Lyricsशिव शिव शिव शिवशिव शिव शिव शिवआदी अनंत शिवयोगी महादेवयोगी महादेवआदी अनंत शिवमहाबली शिवमहाबली शिवशिव शिव शिव शिवशिव शिव शिव शिवShiv Shiv Shiv ShivShiv Shiv Shiv ShivAadi Anant ShivYogi MahadevYogi MahadevAadi Anant ShivMahabali ShivMah...
Saransh Sagar
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शिव अष्टकम्प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथं जगन्नाथनाथं सदानन्दभाजम् ।भवद्भव्यभूतेश्वरं भूतनाथं शिवं शङ्करं शंभुमीशानमीडे ॥१॥ गले रुण्डमालं तनौ सर्पजालं महाकालकालं गणेशाधिपालम् ।जटाजूटगङ्गोत्तरङ्गैर्विशालं शिवं शङ्करं शंभुमीशानमीडे ॥२॥ मुदामाकरं मण्डनं मण...
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Shree Shiv Panchakshar Stotram Lyrics In Hindi नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय।नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे “न” काराय नमः शिवायः॥मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय।मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मे “म” काराय नमः शिवायः...
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लांगुलास्त्र स्तोत्रम् हनुमन्नञ्जनीसूनो महाबलपराक्रम ।लोलल्लाङ्गूलपातेन ममारातीन्निपातय ॥ १॥मर्कटाधिप मार्तण्डमंडलग्रासकारक ।लोलल्लाङ्गूलपातेन ममारातीन्निपातय ॥ २॥अक्षक्षपण पिङ्गाक्ष क्षितिजासुक्षयङ्कर ।लोलल्लाङ्गूलपातेन ममारातीन्निपातय ॥ ३॥रुद्रावतारसंसारदुःख...
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कनक धारा स्तोत्रम् This incident happened on Akshay Tritiyaa. Adi Sankara was in the age of 8 years.Best day for initiating this mantra: Friday or any Full Moon day.अङ्गम हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्ती,भृङ्गाङ्गगनेव मुकुलाभरणं तमालम् ।अङ्गीकृताखिलविभूतिरपाङ्गलीला,मां...
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श्रीपरमेश्वरस्तोत्रम्जगदीश सुधीश भवेश विभोपरमेश परात्पर पूत पित:।प्रणतं पतितं हतबुद्धिबलंजनतारण तारय तापितकम्॥1॥गुणहीनसुदीनमलीनमतिंत्वयि पातरि दातरि चापरतिम्।तमसा रजसावृतवृत्तिमिमंजनतारण तारय तापितकम्॥2॥मम जीवनमीनमिमं पतितंमरुघोरभुवीह सुवीहमहो।करुणाब्धिचलोर्मिजलानय...
Saransh Sagar
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 भीष्म पितामह रणभूमि में शरशैया पर पड़े थे।हल्का सा भी हिलते तो शरीर में घुसे बाण भारी वेदना के साथ रक्त की पिचकारी सी छोड़ देते।ऐसी दशा में उनसे मिलने सभी आ जा रहे थे। श्री कृष्ण भी दर्शनार्थ आये। उनको देखकर भीष्म जोर से हँसे और कहा.... आइये जगन्नाथ।.. आप तो सर...