ब्लॉगसेतु

Sanjay  Grover
395
कहते हैं कि भगवान कुछ भी कर सकता है !चलिए, ज़रा आज़माते हैं-भगवान अगर है तो संविधान उसकी मर्ज़ी से ही बना होगा।लेकिन असंवैधानिक काम जगह-जगह पर हो रहे हैं !यहां जातिभेद होता है।यहां रंगभेद होता है।यहां स्त्री और पुरुष में भेद होता है।सिर्फ़ दिल्ली में ही, वो भी पैसेवाल...
vedprakash srivastav
5
..............................
 पोस्ट लेवल : धर्मसाहित्य
vedprakash srivastav
5
..............................
 पोस्ट लेवल : धर्मसाहित्य
vedprakash srivastav
5
..............................
 पोस्ट लेवल : धर्मसाहित्य
vedprakash srivastav
5
..............................
 पोस्ट लेवल : धर्मसाहित्य
VMWTeam Bharat
105
श्राद्ध का अर्थ है, श्रद्धा से जो कुछ दिया जाय (श्रद्धया दीयते यत् तत् श्राद्धम) शास्त्रों में मनुष्य के लिए कुल 3 ऋण बतलाए गए हैं- 1. देव ऋण, 2. ऋषि ऋण और 3. पितृ ऋण। ये तीन प्रकार के ऋण बतलाए गए हैं। इनमें श्राद्ध द्वारा पितृ ऋण उतारना आवश्यक माना जाता है, क्योंक...
Lokendra Singh
102
एक बार फिर पाकिस्तान में हिंदू लड़की के अपहरण और उसके जबरन धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है। अल्पसंख्यकों को लेकर पाकिस्तान की यही सच्चाई है। पाकिस्तान में कट्टरपंथी और धर्मांध समूहों का वर्चस्व है। हालात यह हैं कि वहाँ अल्पसंख्यक हिंदू समाज का जीवन अत्यंत...
Yashoda Agrawal
235
सबसे बडा त्याग किसका – पति का, धर्मदत्त का या चोर का?मदनपुर नगर में वीरवर नाम का राजा राज करता था। उसके राज्य में एक वैश्य था, जिसका नाम हिरण्यदत्त था। उसके मदनसेना नाम की एक कन्या थी।एक दिन मदनसेना अपनी सखियों के साथ बाग़ में गयी। वहाँ संयोग से सोमदत्त नामक सेठ का...
रवीन्द्र  सिंह  यादव
316
कविवर विष्णु नागर जी के शब्दों में-'पत्नी से बड़ा कोई आलोचक नहीं होताउसके आगे नामवर सिंह तो क्यारामचंद्र शुक्ल भी पानी भरते हैंअब ये इनका सौभाग्य हैकि पत्नियों के ग्रंथ मौखिक होते हैं, कहीं छपते नहीं 'वहीं दूसरी ओर वे जीवन को कविता कहते हैं- 'जीवन भी कविता बन...
संतोष त्रिवेदी
149
मैं ‘नए भारत’ का ‘नया धार्मिक’ हूँ।अपने धर्म को लेकर मेरी धारणा इतनी मज़बूत है कि धर्म भले ढह जाए,धारणा को रत्ती-भर खरोंच नहीं आ सकती।वैचारिक होना अब एक दक़ियानूसी मामला है।इसमें समय-समय पर व्यक्ति के फिसलने का ख़तरा बना रहता है।जबसे मैंने नई तरह का धर्म धारण किया...