ब्लॉगसेतु

हंसराज सुज्ञ
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वेद  का अर्थ ज्ञान होता है. वेद को ज्ञान का सर्वोच्च शिखर भी कहा जाता है . और ज्ञान ही ब्रह्म का स्वरुप है. इस तरह वेद और परमात्मा भिन्न नहीं है . और परमात्मा के लिए उपनिषद कहतें है ---- पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते।     ...
हंसराज सुज्ञ
343
वैदिक शब्दावली की एक जो सबसे बडी विशेषता है, वो ये कि वैदिक नामपद अपने नामारूप पूर्णत: सार्थक हैं. वेदों में भिन्न-भिन्न वस्तुओं के जो नाम मिलते हैं, वे किसी भी रूप में अपने धात्वर्थों का त्याग नहीं करते. उदाहरण के लिए पाठक "पंकज" शब्द पर विचार करें. प्रत्येक व्यक्...
हंसराज सुज्ञ
343
वेदों के नाम पर थोपी गई इन सारी मिथ्या बातों का उत्तरदायित्व मुख्यतः मध्यकालीन वेदभाष्यकार महीधर, उव्वट और सायण द्वारा की गई व्याख्याओं पर है तथा वाम मार्गियों या तंत्र मार्गियों द्वारा वेदों के नाम से अपनी पुस्तकों में चलायी गई कुप्रथाओं पर है । ~अग्निवीरप्रागैतिह...
हंसराज सुज्ञ
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ईद ‘त्याग’ का महान पर्व है, जो ‘त्याग’ के महिमावर्धन हेतु मनाया जाता है। यह पर्व हमें संदेश देता है कि हर क्षण हमें ‘त्याग’ हेतु तत्पर रहना चाहिए। ‘त्याग’ की प्रेरणा के लिए हम हज़रत इब्राहीम के महान त्याग की याद करते है। किन्तु उस महान् त्याग से प्रेरणा चिंतन मिलने...
हंसराज सुज्ञ
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ईद का पर्व निकट है। पिछले वर्ष लगभग इन्हीं दिनों कुछ लोगों ने 'ब्लॉगवुड' पर आरोप लगाया कि लोग बकरीद के आसपास 'जीव-दया' पर लिखने लगते है। श्री प्रवीण शाह ने तो ऐसा आरोप लगाते हुए 11 प्रश्नों की एक जटिल प्रश्नावली ही खडी कर दी। जिसे 'हलालमीट' नामक ब्लॉग पर भी प्रमुखत...
Rajeev Sharma
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फिर वही चिंगारियां बदल रही शोलों का रूप फिर वही बिन तपन, बिन अग्न आई है धुप चुलेह तरसेंगे यहाँ क्या दो वक्त की सेकनेबिलबिलाते पेट तरसेंगे कोई आए फेंकनेबहुत हुआ अब ये नजारा न चाहिए सामने उठो समय हुआ चलें हाथों में हाथ थामने दूसरों से उम्मीद रखने...
Ram Shiv Murti Yadav
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माँ पल्हमेश्वरी देवी जी (पल्हना मंदिर) के नाम से जन जाने वाला देवी दुर्गा जी का सिद्ध पीठ जिला आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) में स्थित है यह वाराणसी (बनारस) से ८२ किलोमीटर दूर है आप को इस स्थान के दर्शन के लिए वाराणसी से सीधे आजमगढ़ वाली बस पकड़ के लालगंज (मासिरपुर मोड़) उ...
Ram Shiv Murti Yadav
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महर्षि दुर्बासा का नाम तो लगभग हर भारतीय जनता हैं. और कुछ को उनकी कहानिया भी पता हैं. लेकिन इस महर्षि कि तपो भूमि कंहा हैं बहुत ही काम लोगो को पता हैं. आजमगढ़ मुख्यालय से ४० किलोमीटर कि दुरी पर बसा हैं एक छोटा सा गाँव. जिसका नाम हैं दुर्वासा . तहसील और ब्लोंक फूलपु...
दीपक कुमार  भानरे
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देश मैं ईद और नवरात्र के पर्व के अवसरों पर भक्तिमय उल्लाश और खुशियों का सुखद वातावरण बना हुआ है । जगह जगह गाँव और शहर मैं पंडाल , स्वागत द्वार अवं तोरण द्वार सजे हुए हैं । कंही ईद के दावतों का आयोजन हो रहा है तो कंही मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है । इन उल...