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Asha News
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राजवाड़ा पर अहमदाबाद (गुजरात) के कलाकार आकर्षक गरबों से बाधेंगे समां पाॅलिथीन मुक्त झाबुआ रहेगी विशेष थीमझाबुआ। श्री देवधर्म राज नवदुर्गा महोत्सव समिति एवं राजवाड़ा मित्र मंडल द्वारा इस वर्ष 34वां नवरात्रि महोत्सव पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। 29 सित...
Saransh Sagar
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कितने ही देवी देवता और इनमें इतनी ही अपार श्रद्धा कि भक्त अपने भगवान पर इतना भरोसा करते हैं कि उनके लिये कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहते हैं… जी हां ये है हिन्दुस्तान की धार्मिक संस्कृति जो देश भर के अलग अलग कोनों में अपने अलग अलग रंग लिये हुए हैं और आज धर्म और...
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डीजे ओर ढोल के  साथ राजवाड़ा से आरंभ होगी यात्रा  झाबुआ। श्री विश्व मंगल हनुमान धाम मित्र मंडल झाबुआ द्वारा विश्व मंगल हनुमान धाम तारखेड़ी की एक दिवसीय पद यात्रा का आयोजन 20 सितंबर को किया जाएगा। जानकारी देते हुए मित्र मंडल के सदस्यों ने बताय...
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"मंदिर" का अर्थ होता है:- 'मन से दूर कोई स्थान'। "मंदिर" का शाब्दिक अर्थ 'घर' है और मंदिर को द्वार भी कहते हैं, जैसे रामद्वारा, गुरुद्वारा आदि।मंदिर को आलय भी कह सकते हैं, ‍जैसे ‍कि "शिवालय", "जिनालय"।लेकिन जब हम कहते हैं कि मन से दूर जो है, वह मंदिर है तो उसक...
Saransh Sagar
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 मंदिर का इतिहास ( किंवदंती ) - 1शिव पार्वती मंदिर का इतिहास कई हजार साल पुराना है और इस मंदिर में स्थापित मूर्ति लगभग 5000 साल पुरानी है। माना जाता है कि ये मूर्ति कुएं की खुदाई में मिली थी। पुराणों में उल्लेख के अनुसार सोहागपुर का प्राचीन नाम श्रोणितपुर...
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दक्षिणेश्वरी काली माता मंदिर सोहागपुर ( होशंगाबाद ) मध्यप्रदेश में स्थित है !! ये रेलवे ट्रैक के नजदीक है !! यहाँ भ्रमण करने का सौभाग्य हितेश भाई के द्वारा संभव हुआ !! जिनका बहुत बहुत आभार प्रकट करता हूँ ! भविष्य में यहाँ एक सुंदर मंदिर बनने की हमारी इच्छा है जो मा...
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भारत में प्रायः चार जगह महाकुंभ लगते रहे है जिसमे हरिद्वार, उज्जैन, प्रयाग और नासिक शामिल है लेकिन संत समाज और श्रद्धालुओं की माने तो भारत में कुल १२ जगहों पर महाकुंभ का आयोजन होता था जिसमे बिहार के सिमरिया जो कि आदि कुंभ स्थली रहा है वैदिक काल से बद्रिकाश्रम , असम...
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एक बार हनुमानजी ने प्रभु श्रीराम से कहा कि अशोक वाटिका में जिस समय रावण क्रोध में भरकर तलवार लेकर सीता माँ को मारने के लिए दौड़ा, तब मुझे लगा कि इसकी तलवार छीन कर इसका सिर काट लेना चाहिये, किन्तु अगले ही क्षण मैंने देखा कि मंदोदरी ने रावण का हाथ पकड़ लिया, यह देखकर...
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शिव लिंग ( पवित्रता का प्रतीक )विधर्मियों और अंग्रेज़ो ने शिवलिंग को गुप्तांग की संज्ञा कैसे दी और अब हम बेवकूफ हिन्दू खुद शिवलिंग को शिव् भगवान का गुप्तांग समझने लगे हे और दूसरे हिन्दुओ को भी ये गलत जानकारी देने लगे हे।प्रकृति से शिवलिंग का क्या संबंध है ..?जाने शि...
Saransh Sagar
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ॐ नमः शिवायहर हर महादेवभगवान शिव जितने रहस्यमयी हैं,  हैं, भांग व धतूरा ग्रहण करते हैं। आदि न जाने कितने रोचक तथ्य इनके साथ जुड़े हैं। आज हम आपको भगवान शिव से जुड़ी ऐसी ही रोचक बातें व इनमें छिपे लाइफ मैनेजमेंट के सूत्रों के बारे में बता रहे हैं, जो इस प्रकार...