ब्लॉगसेतु

विजय राजबली माथुर
77
स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं ) Roshan Suchan13-01-2018     संकलन-विजय माथुर, फौर्मैटिंग-यशवन्त यश
VMWTeam Bharat
112
एक लावारिश बिना मां-बाप का बच्चा क्या खुद ही भिखारी बनने का फैसला कर लेता है? बिना किसी छत के भूखे पेट खुले आसमान के नीचे गुजारने वालों की तकदीर में जिल्लत और तिरस्कार के सिवा और क्या होता है तिस पर हमारी मरी हुई संवेदनाओं से निकले लफ़्ज जब उन्हें नसीहत देते हैं तो...
VMWTeam Bharat
112
बीते कई दिनों से चर्चाओं में आए चोटी कटवा को लेकर हर कोई सच्चाई जानना चाहता है । हर कोई जानना चाहता है कि आखिर क्या है चोटी कटवा?  इसको लेकर बड़े-बड़े टीवी चैनलों से लेकर अखबारों और वेब मीडिया में भी सुर्खियां बनी हुई है । तो वही सरकार से लेकर पुलिस...
VMWTeam Bharat
112
कश्मीर घाटी में अक्सर सुरक्षाबलों पर ताकत के बेतहाशा प्रयोग और मानवाधिकारों के हनन के आरोप लगते हैं। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। सुरक्षाकर्मी ही अपने मान-सम्मान, जान को खतरे में डाल संयम बरतते हैं। इस हकीकत का खुलासा सुरक्षाबलों ने नहीं किया, इस कड़वे सच से पर...
Sanjay  Grover
396
बचपन में कभी-कभी मंदिर चला जाता था। कहना चाहिए कि मंदिर तक चला जाता था। अकेला नास्तिक था, करता भी क्या !? रास्ते-भर हंसी उड़ाता जाता, दोस्त भी रास्ते-भर हंसते जाते और मंदिर जाकर सीरियस हो जाते। मैं कहता जाओ तुम लोग दर्शन करके आओ मैं तुम्हारी चप्पलें देखता हूं। उन्हे...
Akhilesh Karn
255
फिल्म : नचारीगायक : पारंपरिक, मैथिली, शिव भक्तिधोखा सं कनिए हंसा गेलई दैया गेताही लेल बउरहवा तमसा गेलै दैया गेधोखा सं कनिए हंसा गेलई दैया गेताही लेल बउरहवा तमसा गेलै दैया गेडमरू फेकलई त्रिशुल फेकलकईछौर लेपि अजब श्रृंगार बनेलकईडमरू फेकलई त्रिशुल फेकलकईछौर लेपि अजब श...
Sanjay  Grover
775
Dead Body suddenly vanished!---©Sanjay Grover---Because it never existed.-Sanjay Grover
Sanjay  Grover
411
लघुकथावह हमारे घरों, दुकानों, दिलों और दिमाग़ों में छुपी बैठी थी और हम उसे जंतर-मंतर और रामलीला ग्राउंड में ढूंढ रहे थे।-संजय ग्रोवर05-02-2017
Kheteswar Boravat
45
..............................
Sanjay  Grover
411
लघुकथा/व्यंग्यमुझे उससे बात करनी थी।‘मेरे पास आज जो कुछ भी है सब ईश्वर का दिया है’, वह बोला।‘जो करता है ईश्वर ही करता है, उसकी मर्ज़ी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता’, वह फिर बोला।‘आप मेरे पास बात करने आए, ईश्वर की बड़ी मेहरबानी है’, एक बार फिर उसने किसी ईश्वर के प्रति अ...