ब्लॉगसेतु

अनीता सैनी
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 तुम्हें मालूम है उस दरमियाँ, ख़ामोश-सी रहती कुछ पूछ रही होती है, मुस्कुराहट की आड़ में बिखेर रही शब्द, तुम्हारी याद में वह टूट रही होती है |बिखरे एहसासात बीन रही, उन लम्हात में वह जीवन में मधु घोल रही होती है,  नमक का दरिया बने नयन...
मुकेश कुमार
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मान लो 'आग'टाटा नमक केआयोडाइज्ड पैक्ड थैली की तरहखुले आम बिकती बाजार मेंमान लो 'दर्द'वैक्सड माचिस के डिब्बी की तरहपनवाड़ी के दूकान पर मिलतीअठन्नी में एक !मान लो 'खुशियाँ' मिलतीसमुद्री लहरों के साथ मुफ्त मेंकंडीशन एप्लाय के साथ किहर उछलते ज्वार के साथ आतीतो लौट भी जा...
PRAVEEN GUPTA
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साभार: नवभारत टाइम्स 
ज्योति  देहलीवाल
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नमक पारे कई तरह के बनते हैं। क्या आपने पालक के नमक पारे बनाये हैं? यदि नहीं तो अब ज़रुर बनाइए क्योंकि ये स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी हैं। तो आइए, बनाते हैं पालक के कुरकुरे नमकपारे (spinach namak pare)…सामग्री- Ingredient for spinach namak pare• मैदा- 250 ग...
ज्योति  देहलीवाल
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भाकरवड़ी महाराष्ट्र और गुजरात का प्रसिद्ध नमकीन हैं। जो स्वाद में चटपटी, खट्टी-मीठी और मसालेदार होने से बहुत ही स्वादिष्ट लगती हैं। लेकिन जब हम भाकरवड़ी घर में बनाते हैं तो सबसे बड़ी समस्या यहीं आती हैं कि भाकरवड़ी तलते वक्त उसका मसाला कढ़ई में बिखर जाता हैं। क्या आपको...
विजय राजबली माथुर
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विजय राजबली माथुर
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विजय राजबली माथुर
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विजय राजबली माथुर
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Yashoda Agrawal
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होती हैअजीबो गरीबखुजलीकिसी को भीकहीं भीहो सकती हैखुज़लीजब चाहोजहाँ चाहोकर लोखुज़ली..आदमी ही नहींजानवरों को भीहोती है खुज़लीऔर तो औरगणमान्य लोगोंको भी होती हैखुज़लीज़बान उनकीहरदमखुजलाते रहती हैउसी खुज़ली कोनिरखमीडिया वालों को भीहोने लगती हैखुज़लीजहाँ-तहाँख...