ब्लॉगसेतु

अनीता सैनी
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 तुम्हें मालूम है उस दरमियाँ, ख़ामोश-सी रहती कुछ पूछ रही होती है, मुस्कुराहट की आड़ में बिखेर रही शब्द, तुम्हारी याद में वह टूट रही होती है |बिखरे एहसासात बीन रही, उन लम्हात में वह जीवन में मधु घोल रही होती है,  नमक का दरिया बने नयन...
Akhilesh Karn
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गायिका: पूनम मिश्राएल्बम: मैथिली लोकगीत कइली हम कोन कसूर  नयनमा से दूर कइल बलमु हो सोने की थार में भोजन परोसलभोजन परोसल हो भोजन परोसलसोने की थार में भोजन परोसलकरजुनी जइहा हजूर हो नयनमा से दूर कइल बलमु हो चुनी चुनी फूलवा से सेज सजवनीदूर कइल...
अनंत विजय
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अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन के कार्यक्रम से लेखिका नयनतारा सहगल का नाम हटाने पर एक बार फिर से वो चर्चा के केंद्र में आ गई हैं। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि बीजेपी के इशारे पर मराठी साहित्य सम्मेलन के उद्घाटन समारोह से उनका नाम हटाया गया। महाराष्ट्र में इस...
Akhilesh Karn
268
गायक : रतिशचंद्र झाफिल्म : मैथिली पारपंरिकबाबा एक बेर ताकू सजल नयन सं हमरा परआस करब हम ककरा पर यौ-2तन के मंदिर एक बनेलौंओई पर भोला के बैसेलौंतन के मंदिर एक बनेलौंतन के मंदिर एक बनेलौंओई पर भोला के बैसेलौंमाया इद बैसल अछिमाया इद बैसल अछितन मंदिर के कपड़ा परआस करब हम...
mahendra verma
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मन के नयन खुले हैं जब तक, सीखोगे तुम जीना तब तक । दीये को कुछ ऊपर रख दो, पहुँचेगा उजियारा सब तक । शोर नहीं बस अनहद से ही, सदा पहुँच जाएगी रब तक। दिल दरिया तो छलकेगा ही, तट भावों को रोके कब तक। जान नहीं पाया हूँ  कुछ भी, जान यही पाया हूँ अब तक। -महेन्द्र व...
 पोस्ट लेवल : मन दिल दरिया नयन अनहद
मनीष कुमार
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मावलीनांग से शिलांग लौटने के बाद हमारे पास एक दिन और बचा था। मैंने शिलांग आने के पहले  इंटरनेट पर लैटलम कैनयन के बारे में पढ़ा था। वहाँ की खूबसूरत वादियों का जिक्र तो था ही, साथ ही ये हिदायत भी थी कि भीड़ भाड़ से दूर इस सुनसान इलाके में पहुँचना टेढ़ी खीर है इसलिए रास्त...
sanjiv verma salil
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नवगीत*नयनों ने नैनों मेंदुनिया को देखा*कितनी गहराईकैसे बतलायें?कितनी अरुणाईकैसे समझायें?सपने ही सपनेदेखें-दिखलायेंमन-महुआ महकें तो अमुआ गदरायेंकेशों में शोभितनित सिंदूरी रेखानयनों ने नैनों मेंदुनिया को देखा*सावन में फागुन या फागुन में सावननयनों में सपने ह...
 पोस्ट लेवल : नवगीत संजीव sanjiv nayan नयन navgeet
अनंत विजय
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 नयनतारा सहगल अंग्रेजी साहित्य का बड़ा नाम है । माना जाता है कि आजाद भारत की पहली भारतीय अंग्रेजी लेखिका हैं जिन्हें इतनी शोहरत मिली । साठ और सत्तर के दशक में उन्होंने अपने स्तंभों से भारतीय राजनीति में अपनी पारिवारिक विरासत से इतर अपनी पहचान बनाई थी । नयनतारा...
अनंत विजय
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पहले उदय प्रकाश, फिर नयनतारा सहगल और अब असोक वाजपेयी ने साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाने का एलान कर साहिकत्य जगत को झकझोरने की कोशिश की । तीनों लेखकों के विरोध का आधार कमोबेश एक ही है । इन तीनों को लगता है कि इस वक्त देश का वातावरण बहुत खराब हो गया है और साहित्यकारों...
रणधीर सुमन
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लोकसभा संसदीय चुनाव के पहले भी विचारक व साहित्यकार क्या नही जानते थे कि भगवा विचारधारा  देश विभाजन से लेकर ब्रिटिश साम्राज्यवाद की मुखबिरी करने का काम करती रही है. हिटलर और मुसोलिनी से प्रेरणा लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना हुई थी और पूर्ण बहुमत आने...