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अभिलाषा चौहान
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 पोस्ट लेवल : नवगीत
Basudeo Agarwal
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जो सदा अस्तित्व से अबतक लड़ा है।वृक्ष से मुरझा के पत्ता ये झड़ा है।चीर कर फेनिल धवल कुहरे की चद्दर,अव्यवस्थित से लपेटे तन पे खद्दर,चूमने कुहरे में डूबे उस क्षितिज को,यह पथिक निर्द्वन्द्व हो कर चल पड़ा है।हड्डियों को कँ...
अभिलाषा चौहान
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 पोस्ट लेवल : नवगीत
sanjiv verma salil
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नवगीत:तोड़ दें नपना*अंदाज अपना-अपनाआओ! तोड़ दें नपना*चोर लूट खाएंगेदेश की तिजोरी परपहला ऐसा देंगेअच्छे दिन आएंगे.भूखे मर जाएंगेअन्नदाता किसानआवारा फिरें युवारोजी ना पाएंगेतोड़ रहे हर सपनाअंदाज अपना-अपना*निज यश खुद गाएंगेहमीं विश्व के नेतावायदों को जुमला कहठेंगा दिख...
sanjiv verma salil
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नवगीत-पड़ा मावठा *पड़ा मावठा घिरा कोहराजला अँगीठी आगी ताप*सिकुड़-घुसड़कर बैठ बावले थर-थर मत कँप, गरम चाय ले सुट्टा मार चिलम का जी भर उठा टिमकिया, दे दे थापपड़ा मावठा घिरा कोहराजला अँगीठी आगी ताप*आल्हा-ऊदल बड़े लड़ैया टेर जोर से,भगा लड़ैया गारे राई,सुना सवैयाघाघ-भड्डरी बन ज...
अभिलाषा चौहान
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 पोस्ट लेवल : नवगीत
अभिलाषा चौहान
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 पोस्ट लेवल : नवगीत
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--प्रतिज्ञादिवस में प्रतिज्ञा कहाँ है?प्रज्ञा जहाँ है, प्रतिज्ञा वहाँ है।।--छाया हुआ रूप का ही नशा है,जवानी में उन्माद ही तो बसा है,दिखावे ने अपना शिकंजा कसा है,प्रतिज्ञादिवस में प्रतिज्ञा कहाँ है?प्रज्ञा जहाँ है, प्रतिज्ञा वहाँ है।।--बिना स्नेह के दीप कैसे जलेगा?ब...
अभिलाषा चौहान
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 पोस्ट लेवल : नवगीत
अभिलाषा चौहान
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