ब्लॉगसेतु

ज्योति  देहलीवाल
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आज पंकज को शिल्पा से मिलने मॉल जाना था। शिल्पा से उसके रिश्ते की बात चल रही थी। दोनों परिवार के लोग आधुनिक विचारों के थे। अत: जब तक लड़का लड़की आपस में एक दूसरे को पसंद न कर ले तब तक बात आगे बढ़ने का सवाल ही नहीं था। नियत समय पर पंकज मॉल पहुंच गया। जब उसने शिल्पा को ब...
ज्योति  देहलीवाल
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गुजरात के मशहूर स्वामीनारायण संप्रदाय के एक मंदिर के स्वामी कृष्णनस्वरुप दास ने पिछले दिनों एक प्रवचन के दौरान कहा कि, यदि महिलाएं मासिक धर्म के दौरान खाना बनाएंगी तो अगले जन्म में वह श्वान पैदा होगी। सोच और समझ का दुर्भाग्य यहीं खत्म नहीं होता तो इसी संस्थान द्वार...
ज्योति  देहलीवाल
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प्रियंका, तुम्हारा दर्द, तुम्हारी चीखें, तुम्हारा लहू, तुम्हारे आँसू और तुम्हारा चकनाचूर विश्वास...इस देश का हर संवेदनशील इंसान महसूस कर रहा हैं। लेकिन प्रियंका, कहते हैं न कि जाके पाँव न फटी बिवाई, वह क्या जाने पीर पराई!! ठीक वैसा ही हाल पूरे देशवासियों का हैं। तु...
ज्योति  देहलीवाल
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त्रेतायुग में माता सीता की अग्निपरिक्षा ली गई थी। वो गए जमाने की बात हैं। लेकिन इस 21 वी सदी में इंसान जहां मंगल पर बस्ती बसाने की सोच रहा हैं...महिला और पुरुषों को संविधान ने समान अधिकार दिए हैं...आपको यह जान कर आश्चर्य होगा कि लिव इन रिलेशनशिप के इस मॉडर्न जमाने...
ज्योति  देहलीवाल
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आजकल मीटू से सबंधित सोशल मीडिया पर जो बेतुके पोस्ट आ रहे हैं जैसे कि गर्लफ्रेंड ने रेस्टॉरंट का बिल नहीं भरा या पत्नी 4-5 रोज से लौकी की सब्जी बना कर खिला रहीं हैं, यह भी #shetoo के अंतर्गत आना चाहिए ...दाद देनी पड़ेगी ऐसी पोस्ट्स लिखने वाले के दिमागिया दिवालेपन की!...
ज्योति  देहलीवाल
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''शिल्पा के चेहरे पर तो जब देखों तब 12 ही बजे रहते हैं। जैसे ससुराल में हम सब उसे बहुत सताते हैं। हरदम मुंह बनाके रहेगी तो दुर्गा माता तो नाराज होंगी ही न!'' मम्मी जी ने कहा। बहुत देर से घर के सभी लोग दुर्गा माता की ज्योत आने का इंतजार कर रहे थे। लेकिन न जाने माता...
ज्योति  देहलीवाल
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महिलायें और लड़कियाँ कई बार घर में अकेली रहती हैं। कई बार उन्हें रात को भी बाहर अकेले सफ़र करना पड़ता हैं। ऐसे में यदि उनके साथ छेड़छाड़ या बलात्कार जैसी घटनाएँ होती हैं, तो महिलाओं और लड़कियों को अपनी खुद की सुरक्षा खुद करते आनी चाहिए। हर महिला या लड़की जुडो-कराटे की एक...
ज्योति  देहलीवाल
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दोस्तों, शीर्षक पढ़ कर शायद आपको लग रहा होगा कि शायद मेरे लिखने में कहीं गलती हो गई हैं! नहीं, मैंने बिल्कुल सही लिखा हैं कि मंदसौर गैंग रेप के आरोपियों को फाँसी की सजा नहीं होनी चाहिए! सोचिए, क्या इन लोगों की हैवानियत के लिए सिर्फ़ फाँसी की सजा काफ़ी होगी? फाँसी से त...
ज्योति  देहलीवाल
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माँ, तुम तो कहती थी कि दूसरे घर जा रही हो...लेकिन चिंता नहीं करना। वो घर भी तुम्हारा अपना होगा। सिर्फ़ चेहरे बदल जायेंगे पर रिश्तों के मायने नहीं बदलेंगे। यहां माँ हैं वहां सासू माँ होगी, यहां बहन हैं वहां नणंद होगी, यहां भाई हैं वहां देवर-जेठ होंगे...। जैसे यहां रह...
ज्योति  देहलीवाल
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शीर्षक पढ़ कर चौंक गए न? भई मकान, गाड़ी, कपड़े किराए पर मिलते हैं। आजकल तो गहने भी किराए पर मिलते हैं। यहां तक तो ठीक हैं। लेकिन बीवियां किराए पर? क्या गाड़ी, मकान और कपड़ों की तरह बीवियां कोई चीज हैं जो देनेवाला किराए से देता हैं और लेने वाला लेता हैं? बीबी एक इंसान नह...