ब्लॉगसेतु

Pawan Kumar Sharma
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पवन कुमार, नई दिल्ली Feedjit Live Blog Stats
कुमार मुकुल
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निर्भया और बिलकिस बानो केस में सर्वोच्‍च न्‍यायालय और उच्‍चन्‍यायालय मुंबई के फैसले आए। निर्भया मामले में जहां चार अरोपितों को मृत्‍युदंड की घोषणा की गयी वहीं बिलकिस मामले में ग्‍यारह आरोपितों को आजीवन कारावास दिया गया। मिलती हुई इन बीभत्‍स घटनाओं पर अलग-अलग सजा ने...
 पोस्ट लेवल : बिलकिस बानो निर्भया
Vikram Pratap Singh Sachan
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दीवनापन हद से गुज़रता चला गया मासूमों की लाशों पे चढ़ता चला गया।जाने किस रोज़ किसकी सुनायी दे चीख़ेभय में बेटियों का बाप मरता चला गया।एक हादसा गुज़रा दूसरे का इंतेज़ार करेबोझ इतना ज़मीर पर बढ़ता चला गया।आँख में पानी नहीं समन्दर सा दिखता रहावहशियत का कारोबार कर...
Bhavna  Pathak
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          उत्साह साहस से भरे नौजवान ही कठिन से कठिन चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। जान हथेली पर लेकर वही चल सकते हैं और जरूरत पड़ने पर जान की बाजी भी लगा सकते हैं। इतिहास के पन्ने ऐसे उदाहरणों से भरे पड़े हैं। युवा शहीदेआजम भगतसिंह ने हंसत...
Pratibha Kushwaha
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‘बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी’ को यूं भी कहें कि ‘आवाज उठेगी तो दूर तक जाएगी’, तो इसके अर्थ में कोई अंतर नहीं आएगा। मौजूं सिर्फ यही है कि आवाज उठनी चाहिए। शुरूआत हुई, तो परिणाम भी निकलेगा। इधर, हैशटैग मी टू के साथ जो अभियान महिलाओं ने चलाया है, उससे समस्या का अंत ह...
kuldeep thakur
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ओ गुड़िया!तुम ने भी तोहवस के उन दरिंदों से अपनी रक्षा के लिये.द्रौपदी   की तरहईश्वर को हीपुकारा  होगापर तुम्हे बचाने  ....ईश्वर भी नहीं आए....ओ गुड़िया!तुम भी तोउसी देश की बेटी थीजहां बेटियों को देवी समझकर पूजा जाता हैजहां की संस्कृति ...
ज्योति  देहलीवाल
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• "उसने बहुत ही छोटे कपड़े पहन रखे थे!"  • "अच्छी लड़कियाँ रात के नौ बजे के बाद बाहर नहीं जाती!"    • "उसका तो चरित्र ही ऐसा था!!"ऐसी बाते क्या दर्शाती हैं? यहीं न कि बलात्कार के लिए दोषी बलात्कारी नहीं बल्कि बलात्कार पीड़िता ही हैं! उसी ने बलात्कारी क...
हर्षवर्धन त्रिपाठी
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निर्भया के साथ हैवानियत की इंतेहा कर देने वाले कुकर्मियों को फांसी ही दी जाएगी। ये फैसला तो सितम्बर 2013 में ही सुप्रीमकोर्ट के निर्देश पर बनी फास्टट्रैक अदालत ने सुना दिया था। लेकिन, भारत गजब का लोकतांत्रिक देश है, इसलिए ऐसे हैवानों को भी न्याय का हर मौका दिया गया...
सुशील बाकलीवाल
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          एक नारी को तब क्या करना चाहिये जब वह देर रात में किसी उँची इमारत की लिफ़्ट में किसी अजनबी के साथ स्वयं को अकेला पाये ?           विशेषज्ञ का कहना है: जब आप लिफ़्ट मे...
अजय  कुमार झा
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अगर गौर से सोचें तो पाएंगे कि करुणा  की हत्या तो असल में उसी दिन हो गई  थी , जिस दिन , उस व्यक्ति ने ,  बल्कि यह कहना चाहिए कि मनुष्य के रूप में हैवान के मस्तिष्क वाले ने , किसी भी समय ,किसी भी दिन और किसी भी क्षण ,जब सोचा था या फिर वह बड़ी आसानी से य...