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Bharat Tiwari
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निर्मल वर्मा की बुक मेरी प्रिय कहानियाँ  से कहानीडेढ़ इंच ऊपरNirmal Verma Booksनिर्मल वर्मा की बुक 'मेरी प्रिय कहानियाँ' की कहानी ‘डेढ़ इंच ऊपर’ पढ़िए और हिंदी कहानी के इस महानायक की मायावी लेखन क्षमता का स्वाद लीजिये। कहानी में जगह-जगह आपको मिलेंगे मानव ज...
sanjiv verma salil
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स्मरण: निर्मल वर्मा *                                                                    &...
 पोस्ट लेवल : nirmal verma निर्मल वर्मा
Shreesh Pathak
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(निर्मल वर्मा (अंग्रेज़ी:Nirmal Verma) (जन्म: 3 अप्रॅल 1929 - मृत्यु: 25 अक्तूबर 2005) हिन्दी के आधुनिक साहित्यकारों में से एक थे। हिन्दी साहित्य में नई कहानी आंदोलन के प्रमुख ध्वजवाहक निर्मल वर्मा का कहानी में आधुनिकता का बोध लाने वाले कहानीकार...
prabhat ranjan
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आज महान लेखक निर्मल वर्मा की पुण्यतिथि है. लेखिका दिव्या विजय ने उनके लिखे किरदारों को नाटक में जीने के अपने अनुभव के आधार पर लिखा है कि किस तरह निर्मल वर्मा के लिखे को महसूस किया जा सकता था. हिंदी के उस विश्वस्तरीय लेखक को श्रद्धांजलि- मॉडरेटर ===============...
prabhat ranjan
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नॉर्वे प्रवासी डॉक्टर-लेखक प्रवीण कुमार झा के व्यंग्य हम पढ़ते रहे हैं लेकिन यह व्यंग्य नहीं है. 25 अक्टूबर को निर्मल वर्मा की पुण्यतिथि है, उसी अवसर पर उन्होंने एक निर्मल-कथा लिखी है. पढ़ा जाए- मॉडरेटर ===========हिंदी कथाकारों में जो पहाड़ों में जीए, यूरो...
prabhat ranjan
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पिछले दिनों निर्मल वर्मा पर एक बहस में अर्चना वर्मा मैम ने यह बात कही ही कि समकालीन जीवन से सबसे ज्यादा निर्मल वर्मा की कहानियां कनेक्ट करती हैं. इस कहानी को पढ़िए तो पता चलेगा कि अकारण नहीं है कि निर्मल वर्मा आज बहुत प्रासंगिक लेखक लगने लगे हैं- मॉडरेटर ======...
 पोस्ट लेवल : nirmal verma निर्मल वर्मा
Abhishek Kumar
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मैंने निर्मल वर्मा को पढ़ना बहुत बाद में शुरू किया. शायद सबसे बाद. 2008 का ही वो साल था जब मैंने पहली बार उनकी कोई कहानी पढ़ी थी. पहले भी कितने लेखकों को पढ़ते आया था, लेकिन शायद निर्मल वर्मा पहले ऐसे लेखक थे जिन्हें पढ़ने के बाद पहली बार मन किया कुछ लिखने का. आप कह सक...
 पोस्ट लेवल : लेखक निर्मल वर्मा
Abhishek Kumar
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प्राग - द गोल्डन सिटी...द सिटी ऑफ़ हंड्रेड टावर्स...द सिटी ऑफ़ टियर्स एंड नाईटमेयर्स शायद हर शहर का अपना अलग इतवार होता है..अपनी अलग आवाजें, और नीरवता.तुम आँखें मूंदकर भी जान लेते हो.ये ट्राम के पहिये हैं...यह उबलती कॉफ़ी की गन्ध.बाहर बर्फ पर खेलते हुए बच्चों...
Abhishek Kumar
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(इन खतों को जिस दिन मैंने पढ़ा था, उसके बाद इसमें से कुछ न कुछ ड्राफ्ट में सेव करता गया.पोस्ट काफी बड़ी और क्लटरड हो गयी थी.इस वजह से काफी दिन पोस्ट करने का दिल नहीं किया..कल रात कोशिश की थी की वो क्लटरनेस थोड़ी कम हो और पोस्ट थोड़ी छोटी हो, लेकिन फिर भी पोस्ट कोशि...
Abhishek Kumar
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पिछले महीने पटना में एक किताब खरीदी थी - 'प्रिय राम'.इस किताब में निर्मल वर्मा के द्वारा अपने बड़े भाई चित्रकार रामकुमार को लिखे गए पत्रों का संकलन है, जिसका सम्पादन निर्मल जी की पत्नी श्रीमती गगन गिल ने किया है.जिस दिन मैं पटना से बैंगलोर आया था तो कुछ बातों से मन...