ब्लॉगसेतु

अनीता सैनी
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 कुछ हर्षाते लम्हे अनायास ही मौन में मैंने धँसाये  थे  आँखों  के पानी से भिगो कठोर किया उन्हें  साँसों की पतली परत में छिपा ख़ामोश किया था जिन्हें फिर भी  हार न मानी उन्हो...
Bharat Tiwari
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नीलिमा चौहान, डीन, ऑफिशियली पतनशील यूनिवर्सिटी ऑफ़ इंटायर हिंदी साहित्य— पतनशीलता एक तेवर, एक जश्न, एक उद्घोषहाल के दो सालों में अपनी दो किताबों के ज़रिए हिंदी साहित्य में मिडल ब्रो लेखन के जॉनर की पहल करने वाली नीलिमा चौहान कहती हैं, "पतनशीलता एक तेवर, एक जश्न, एक उ...
अनंत विजय
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कुछ वर्ष पहले की बात है, शायद 2017 की, जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में हिंदी के सर्वाधिक समादृत लेखकों में से एक नरेन्द्र कोहली जी का साक्षात्कार का अवसर मिला था। वो साक्षात्कार कोहली जी के समग्र लेखन पर था, लिहाजा मुझे ये छूट मिल गई थी कि मैं प्रश्नों को अपने मन मुताबि...
Yashoda Agrawal
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मैं पानी हूँ..तरल,स्वच्छ और नरमओ समय! तुम यदि पत्थर भी होतो कोई बात नहींचलती रहूँगी प्यार सेतुम्हारी कठोर सतह परधार बनकरएक दिन तुम्हारी कठोर सतहपर केवल मेरे निशान होंगेऔर होगी कभी न थकने वालीस्त्री की दास्तां...डॉ. कविता भट्ट 'शैलपुत्री'
अनंत विजय
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नीलिमा डालमिया आधार मूलत: अंग्रेजी की लेखिका है। इनकी अबतक तीन किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। फादर डियरेस्ट, द लाइफ एंड टाइम्स ऑफ आर के डालमिया, मर्चेन्ट्स ऑफ डेथ और दे सेक्रेट डायरी ऑफ कस्तूरबा। इनकी तीसरी किताब का हिंदी में अनुवाद हुआ। कस्तूरबा की जिंदगी पर लिखी य...
अनंत विजय
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लोकसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग में चंद दिन शेष रह गए हैं। चुनावी कोलाहल में हर गली मोहल्ले में चुनावी मुद्दों की चर्चा हो रही है। भारतीय जनता पार्टी के समर्थक राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक मंच पर भारत की धमक को लेकर मजबूती के साथ चुनाव मैदान में हैं। वहीं इस पार...
Ravindra Pandey
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लाल, हरा, नीला, पीला, निखर रहे हैं रंग।मस्तानों की टोलियाँ,  फ़ाग में हुए मलंग।।भर पिचकारी घूम रहे,  बच्चे  चारों ओर।अनायास  बौछार  से,  राहगीर  सब दंग।।स्वप्नपरी के रूप में,  झूमें  हैं  चाचा आज।चाची गुझिया खिला रही...
Akhilesh Karn
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गायक : सुनील मल्लिक व साथीफिल्म: पारंपरिक होली गीत परदेशिया के चिटि्टया लिखावे गोरिया परदेशियापरदेशिया हो  परदेशिया हो  परदेशिया हो परदेशिया के चिटि्टया लिखावे गोरिया परदेशियापरदेशिया के चिटि्टया लिखावे गोरिया परदेशिया जब परदेशिया नगर बीचे आएजब परद...
कुमार मुकुल
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साहित्‍य अकादमी युवा पुरस्‍कार से पुरस्‍कृत उपन्‍यास 'डार्क हॉर्स' नीलोत्‍पल मृणाल की रोचक और हिंदी पद्टी के अपनी तरह के सेंस ऑफ हयूमर से भरपूर है। यह गांव-कस्‍बे से आईएएस की तैयारी करने दिल्‍ली पहुंचे लड़कों की कहानी है। उपन्‍यास के अधिकांश पात्र इस तैयारी के अंत...
अर्चना चावजी
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आज २४ जुलाई फिर से सामने आ खड़ी हुई है -कुछ याद चित्रों के सहारे 
 पोस्ट लेवल : सुनील बस यूंही