ब्लॉगसेतु

Yashoda Agrawal
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मैं अदना नारीसब कहते है कैसे लिख लेती होकितना हुनर हैमैं मुस्करा जाती हूंऔर तुम्हें एक राज बताती हूंलिखने को हुनर नही दिल चाहिएशब्द नही समझ चाहिएकोई कहानी नहींबस दर्द चाहिएंकोई बनावट नहीअसलियत चाहिएंकौन क्या लिखताकैसे लिखतामैं नही जानतीबस दिल ने जो कहामैं बस वहीं&n...
 पोस्ट लेवल : नीलम गुप्ता
Yashoda Agrawal
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शुरू ही कहां हुआलोग कहतें हैं किबक्त नहीं कटताहम कहते किबक्त ही नहीं मिलतालोग कहते हैं उम्र हो गईहम कहतेअब जिंदगीशुरू हो गईलोग कहे बच्चों कोसैटल करना हैहम कहे, हमेंअब मजे करना हैलोग बुढ़ापे से डर रहेहम जवानी केमजे कर रहेउन्हें भविष्य डरा रहाहमे वर्तमान मेंमजा आ रहा...
 पोस्ट लेवल : नीलम गुप्ता
Yashoda Agrawal
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 रूह हूं मैंमुझे चांद ना कहनाउसमें तो दाग हैमुझे फूल भी ना कहनामुरझाना उसका भाग्य हैमै कोई परी भी नहींजो आसमां मे उड़ जाऊंमै कोई किताब भी नहींजो रद्दी में बेच दी जाऊंमै तेरा आज नहीं जो कल नजर ना आऊंमैं कोई परछाई भी नहींजी अंधेरे से डर जाऊंमै तो तेरे रूह क...
 पोस्ट लेवल : नीलम गुप्ता
Yashoda Agrawal
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 देर ना हो जाएसिगरेट फूंकती लड़कीबदचलन कहलातीऔर लड़का मर्दकहा जातादोनों के गुर्दे क्याअलग अलग ब्रांड के हैलड़की का भूगोल नापतें नापतेंइतिहास पर नजर अटक जाती उसका कौमार्य ही उसकी पहचान कहलातीबड़े अजीब नजारे दुनिया ने दिखाए हैमर्द सुबह का भूला शाम को भ...
Yashoda Agrawal
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 #दाग अच्छे हैदाग पर ना जादाग है तभी हम सच्चे है दाग बहुत अच्छे हैसफ़ेद कुर्ती पर लगा दागक्यों आंखों को नहीं भाताइस दाग से ही तोरचता संसार साराक्यों शराब खुले मेंपैड काली पन्नी में लाए जातेउन पांच दिनों की कीमतक्यों लोग समझ ना पातेरचा ब्रह्मांड उन दा...