ब्लॉगसेतु

Akhilesh Karn
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फिल्म : गंगा के पारगायक : तृप्ती शक्या (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); बंसिया बजाबै छै सैंयाबंसिया बजाबै छै सैंयादिल धरकाबै ने दैयाबंसिया बजाबै छै सैंयादिल धरकाबै ने दैयाहमरा ऊ बोलाबै छैनदिया किनार ने रे कीहमरा ऊ बोलाबै छैनदिया किनार ने र...
विजय राजबली माथुर
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हमने सुना था एक है भारत Song Title: Humne Suna Tha Ek Hai Bharat Movie: Didi (1959) Singers: Mohammed Rafi, Asha Bhosle Lyrics: Sahir Ludhianvi Music: N. Dutta Music Label: Saregama
Akhilesh Karn
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फिल्म : मैया के भवनगायक : सुनील छैला बिहारी, मीनू अरोड़ा (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); मैया के भवनमा हरदम जले जगमग ज्योति रे जानजान रे जले जगमग ज्योति रे जानजान रे बरसे मैया दुअरिया प्यार के मोती रे जानजान रे बरसे मैया दुअरिया प्यार के मो...
Yashoda Agrawal
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क्या परिभाषा हो सकती है,चाँद -से मुखड़े की,वो जो वासना की ओरधकेलता हैया फिर वोजो वासना से पार ले जाता है,विश्व के सारे प्रेमीसुन्दर तन, सुन्दर सूरतको कहते हैचाँद- सा मुखड़ालेकिन मै सहमत नहींइस उपमा सेचाँद-सा मुखड़ा बननेके लिए त्यागनापड़ता है अपना सर्वस्वजीवन -धारातब जा...
अनीता सैनी
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 कुछ हर्षाते लम्हे अनायास ही मौन में मैंने धँसाये  थे  आँखों  के पानी से भिगो कठोर किया उन्हें  साँसों की पतली परत में छिपा ख़ामोश किया था जिन्हें फिर भी  हार न मानी उन्हो...
Bharat Tiwari
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नीलिमा चौहान, डीन, ऑफिशियली पतनशील यूनिवर्सिटी ऑफ़ इंटायर हिंदी साहित्य— पतनशीलता एक तेवर, एक जश्न, एक उद्घोषहाल के दो सालों में अपनी दो किताबों के ज़रिए हिंदी साहित्य में मिडल ब्रो लेखन के जॉनर की पहल करने वाली नीलिमा चौहान कहती हैं, "पतनशीलता एक तेवर, एक जश्न, एक उ...
अनंत विजय
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कुछ वर्ष पहले की बात है, शायद 2017 की, जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में हिंदी के सर्वाधिक समादृत लेखकों में से एक नरेन्द्र कोहली जी का साक्षात्कार का अवसर मिला था। वो साक्षात्कार कोहली जी के समग्र लेखन पर था, लिहाजा मुझे ये छूट मिल गई थी कि मैं प्रश्नों को अपने मन मुताबि...
Yashoda Agrawal
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मैं पानी हूँ..तरल,स्वच्छ और नरमओ समय! तुम यदि पत्थर भी होतो कोई बात नहींचलती रहूँगी प्यार सेतुम्हारी कठोर सतह परधार बनकरएक दिन तुम्हारी कठोर सतहपर केवल मेरे निशान होंगेऔर होगी कभी न थकने वालीस्त्री की दास्तां...डॉ. कविता भट्ट 'शैलपुत्री'
अनंत विजय
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नीलिमा डालमिया आधार मूलत: अंग्रेजी की लेखिका है। इनकी अबतक तीन किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। फादर डियरेस्ट, द लाइफ एंड टाइम्स ऑफ आर के डालमिया, मर्चेन्ट्स ऑफ डेथ और दे सेक्रेट डायरी ऑफ कस्तूरबा। इनकी तीसरी किताब का हिंदी में अनुवाद हुआ। कस्तूरबा की जिंदगी पर लिखी य...
अनंत विजय
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लोकसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग में चंद दिन शेष रह गए हैं। चुनावी कोलाहल में हर गली मोहल्ले में चुनावी मुद्दों की चर्चा हो रही है। भारतीय जनता पार्टी के समर्थक राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक मंच पर भारत की धमक को लेकर मजबूती के साथ चुनाव मैदान में हैं। वहीं इस पार...